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पहला काम कोरोना को परास्त करना है भाजपा को 2024 में देख लेंगेः ममता बनर्जी

  • राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पहला काम अभी सिर्फ और सिर्फ कोरोना को रोकना है। इससे अधिक जरूरी

काम और कुछ नहीं हो सकता है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ को अपना इस्तीफा सौंपने

और आगामी पांच मई को शपथ ग्रहण करने का दावा पेश करने के बाद ममता बनर्जी ने

यह बात कही। इसके पहले ही उन्हें तृणमूल भवन में पार्टी के विधायक दल का नेता चुन

लिया गया था। अब उन्हें अगले छह महीने के अंदर विधानसभा का सदस्य बनना होगा।

इस प्रक्रिया के बीच ही ममता बनर्जी ने पहला काम कोरोना को रोकने की कही। साथ ही

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पूर देश में मुफ्त में सभी को वैक्सिन उपलब्ध कराना

चाहिए। प्रेस वालों से बात करते हुए उन्होंने अपने कालीघाट के घर पर कहा कि मैं सड़क

पर लड़ने वाली हूं। मैं सिर्फ लोगों को यह विश्वास दिला सकती हूं कि कोई भी लड़ाई जीती

जा सकती है। इसलिए अभी कोरोना को परास्त करने के बाद हम सभी मिलजुलकर वर्ष

2024 के चुनाव में भाजपा को परास्त कर सकते हैं, उस पर भी आगे काम होगा लेकिन

अभी कोरोना ही प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद ब्रिगेड परेड

मैदान में एक रैली का आयोजन भी किया जा सकता है, जिसमें विपक्ष के सभी प्रमुख

नेताओं को आमंत्रित किया जा सकता है। इसी क्रम में सुश्री बनर्जी ने कहा कि चुनाव

परिणाम घोषित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन नहीं किया है जबकि

अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक, अखिलेश यादव, रजनीकांत और

तेजस्वी यादव ने उनसे बात की है।

पहला काम निपटा लें बाकी बाद में मिलजुलकर देख लेंगे

वैसे इसी क्रम में उन्होंने इशारे ही इशारे में कह दिया कि ताली एक हाथ से नहीं बजती है।

पूरे देश के लिए मुफ्त वैक्सिन पर करीब तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र सरकार के

लिए यह कोई बड़ी रकम नहीं है। 130 करोड़ से अधिक की आबादी के लिए केंद्र सरकार को

यह काम करना चाहिए। इस बीच उन्होंने नंदीग्राम के चुनाव के संबंध में कुछ बातें भी

कहीं। उन्होंने कहा कि निर्णायक घड़ी के पहले से ही चुनाव आयोग का सर्वर लगातार

खराब हो रहा था। अब राज्यपाल द्वारा चुनाव जीतने की बधाई देने के बाद परिणाम

अचानक कैसे बदल गया, यह सभी को देखना है। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े एक

अधिकारी ने किसी और से यह बात कही है कि अगर वह अपने स्तर पर दोबारा मतों की

गिनती का आदेश देते हैं तो उनकी जान को खतरा है। नंदीग्राम के चुनाव में ममता बनर्जी

भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से अंततः 17 सौ मतों से पराजित हो चुकी हैं। तृणमूल द्वारा

दोबारा मतों की गिनती की मांग को भी अस्वीकार कर दिया गया है। चार घंटे तक सर्वर

क्यों खराब रहा, यह मामला भी बाद में देखा जाएगा।

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