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पृथ्वी के प्राचीन पौधे कुछ ऐसा ही हुआ करते थे




  • पृथ्वी पर जीवन का विकास पानी में ही हुआ

  • पानी से पौधे जमीन पर कैसे आये, यह पता नहीं

  • इस एक फॉसिल से मिल सकती है नई जानकारी

  • चीन के इलाके में मिला एक खरब वर्ष पुराना अवशेष

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः पृथ्वी के प्राचीन पौधे में से एक का अवशेष मिला है। इसके माध्यम से

वैज्ञानिक अब पृथ्वी पर जीवन के क्रमिक विकास की अनसुलझी गुत्थियों को जोड़ने पर

काम कर रहे हैं। समझा जा रहा है कि प्राचीन पौधे की फॉसिल से इस बारे में नई

जानकारियां मिल सकती हैं। इस दिशा में काम करने वाले वैज्ञानिक काफी सावधान थे,

इसीलिए उनकी नजर इस पृथ्वी के प्राचीन पौधे पर पड़ी। वरना खुली नजरों से यह नजर

नहीं आता था।

इस पृथ्वी पर जीवन का विकास किस क्रम में हुआ, इस बारे में सामान्य तौर पर जो

सूचनाएं हैं, उसे वैज्ञानिक आगे बढ़ाना चाहते हैं। इस अनुसंधान में हर रोज नये नये तथ्य

जुड़ रहे हैं। इसी वजह से यह पता चल रहा है कि पृथ्वी पर मौजूद वर्तमान प्रजाति के जीव

जंतुओं का क्रमिक विकास कैसे हुआ। इस क्रम में इंसान के क्रमिक विकास के बारे में भी

नई जानकारियां मिल रही हैं। अभी चंद दिनों पूर्व ही यह साबित हुआ है कि अफ्रीका के

कुछेक इलाकों में मौजूद मानव जाति में जो डीएनए मौजूद हैं, वह पृथ्वी के अन्य प्रजाति

के मानवों से भिन्न है। इसका पता पहले नहीं चल पाया था। अब उसका पता चलने के बाद

इंसान के क्रमिक विकास के नये आयाम सामने आये हैं। इसी तरह शोध दल ने पौधों के

क्रमिक विकास पर भी काफी काम किया है।

यह वैज्ञानिक तथ्य है कि पृथ्वी पर सबसे पहले एक कोष वाले जीवन की उत्पत्ति हुई।

उसे से धीरे धीरे जीवन की गाड़ी आगे बढ़ती गयी। पानी से उत्पन्न जीवन बाद के क्रम में

जमीन पर भी चलने लगा। आगे चलकर बदलाव की प्रक्रिया में अनेक जानवर सिर्फ

जमीन के और कुछ सिर्फ पानी के रह गये। इस क्रम में आसमान में उड़ने वाले पक्षी भी

अलग तरीके से विकसित होते चले गये।

पृथ्वी के प्राचीन पौधे का आकार बहुत छोटा

पृथ्वी के प्राचीन पौधे का अवशेष एक पत्थर पर पड़ा हुआ मिला था। वर्जिनिया के

तकनीकी शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया है कि यह समुद्र के अंदर का पौधा है। पौधे की

वर्तमान प्रजातियों से इसकी तुलना के आधार पर ऐसा अनुमान लगाया गया है कि वह

करीब एक खरब वर्ष पुराना हो सकता है। वर्तमान प्रजाति के बहुकोषिय पौधे का इतिहास

करीब 80 करोड़ वर्ष पुराना होने के वैज्ञानिक साक्ष्य है। यह प्राचीन पौधा उससे भी पुराना

है। इसलिए समझा जाता है कि पृथ्वी के प्राचीन जीवन के विकास में यह प्रारंभिक कड़ी में

से एक हो सकता है। जो अवशेष मिला है, वह एल्गी ही है, जो पृथ्वी के प्रथम एक कोष

वाले पानी के जीवन एमिवा का ही स्वरुप है।

आकार में पृथ्वी का प्राचीन यह पौधा करीब दो मिलीमीटर ऊंचा है। इसलिए बिना

माइक्रोस्कोप के यह आसानी से नजर भी नहीं आता। प्रारंभिक तथ्य यह संकेत दे रहे हैं

कि पृथ्वी पर जल पर आधारित जीवन के विकास के क्रम में इस पौधे की प्रजाति की भी

महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह समुद्र के अंदर का पौधा है। यह एल्गी का वह स्वरुप है,

जिसे प्रोटेरोक्लाडूस एटिकूस (Proterocladus antiques) कहा जाता है। उत्तरी चीन के

डालियान शहर के पास में एक पत्थऱ पर यह मिला है। दरअसल शोध दल ने प्राचीन

पत्थरों की तलाश में आधुनिक यंत्रों का उपयोग किया था। इसी क्रम में एक प्राचीन पत्थऱ

पर पड़ा हुआ पृथ्वी का प्राचीन यह पौधा भी उनकी नजर में आ गया। इसके मिलने के बाद

उसे वर्जिनिया के टेक पॉलेटोलॉजिकल प्रयोगशाला (Virginia Tech’s paleontological )

में लाया गया था।

फॉसिल मिलने के पौधे के क्रमिक विकास का पता चलेगा

इसका पता चलने से शोधदल के लोग काफी उत्साहित हैं। उनके मुताबिक पृथ्वी के प्राचीन

काल में जीवन के कई रहस्यों पर से यह फॉसिल रोशनी डाल सकता है। करीब एक खरब

वर्ष तक प़ड़े रहने की वजह से यह अपना रंग अवश्य खो चुका है। यह अभी गहरे भूरे रंग

का ठोस पदार्थ जैसा है। लेकिन उसके अंदर उसके जीवन का इतिहास मौजूद है, जिसकी

कुंजियों को खोला जा रहा है । साथ ही यह भी साबित हो गया है कि जहां से यह मिला है,

वह प्राचीन काल में समुद्र का इलाका हुआ करता था। वैज्ञानिक इसी फॉसिल के जरिए यह

भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि समुद्र के अंदर से पैदा हुआ पौधा जीवन कब और

किस तरीके से पानी के बाहर निकला और मिट्टी पर पौधा और बाद में पेड़ के तौर पर

विकसित होता चला गया। निश्चित तौर पर यह प्रक्रिया कई लाख वर्षों में हुई होगी लेकिन

उससे समझ लेने से भी पृथ्वी के प्राचीन जीवन के बारे में बहुत कुछ नया जानने को मिल

जाएगा।



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