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बोरिंग के पानी से निकल रही आग की लपटें, अजूबा देखने उमड़ी भीड़




  • ओएनजीसी ने इलाके के कई स्थानों पर की थी बोरिंग

  • हरली सिमासी बाग के धान के खेत में हो रहा रिसाव

  • मनोरंजन के लिए गांव वाले लगा देते हैं इसमें आग

अशोक कुमार शर्मा

बड़कागांव: बोरिंग के पानी से आग की लपटें निकल रही हैं। इस बात की खबर जब लोगों

को हुई तो अनेक ग्रामीण इस अजूबा के देखने वहां पहुंचे। बोरिंग से आग निकलने के बाद

भी इसे रोकने अथवा नियंत्रित करने की दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

वीडियो में देखिये क्या चल रहा है दरअसल वहां

इस बीच ग्रामीणों ने बताया कि दरअसल ओएनजीसी द्वारा इलाक में करीब डेढ़ दो वर्ष

पूर्व कई बोरिंग की गयी थी। इन बोरिंग से पानी का बहाव जारी है। कुछ स्थानो पर बोरिंग

करने के बाद उसे भर भी दिया गया था। फिर भी कुछेक इलाकों में गैस के रिसाव की भी

सूचनाएं हैं। इस वजह से ऐसे बोरिंग के कुओं के संबंध में ग्रामीण पूरी सावधानी भी बरत

रहे हैं। बड़कागांव प्रखंड के तलवार पंचायत अंतर्गत कोयला एवं डोकाटांड के निकट में गैस

रिसाव को पाइप के द्वारा ऊपर उठा दिया गया तथा उसमें आग जला कर छोड़ दिया गया

ताकि गैस रिसाव का प्रभाव क्षेत्र पर नहीं पड़े और गैस जलकर समाप्त हो जाए जो लंबे

समय से जारी है । वही लगभग  डेढ़ वर्ष से बह रहे हरली ग्राम के सीमासी बागी नामक

स्थल में  दिए गए बोरिंग के पानी में बीच-बीच में लोगों द्वारा माचिस जलाकर आग लगा

दिया था। यह आम लोगों के लिए भले ही मनोरंजन का मसला है लेकिन कुछ लोग मानते

हैं कि इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। उस बहते पानी में लगे आग में ज्वलनशील

नहीं है। जिसे सभी लोग जलते पानी को हाथ में ले लेते हैं ।

बोरिंग के पानी के साथ निकली आग बूझ जाती है

बोरिंग से पानी निकलने के पास ही सिर्फ जलता है। और वह कुछ  देर के बाद आग अपने

आप बूझ जाती है ।  जिसके बारे में बताया जाता है। कि उक्त बहते पानी के साथ मीथेन

गैस का कुछ अंश निकलता है। इस गैस मिले पानी में माचिस की तिलि से आग लगाने पर

वह जलने लगता है। उस गैस की मात्रा इतनी कम है कि वह निकलने के साथ ही खत्म हो

जाता है। जिससे लंबे समय तक उसमें आग लगा नहीं रहता जिसे बीते शाम ग्रामीणों

द्वारा आग लगा दी गई और लोगों की भीड़ देखने को लेकर उमड़ पड़े उक्त आग में पानी

से उठती आग की लपटें को देखने के लिए सैकड़ों ग्रामीण दौड़ पड़े। बड़कागांव प्रखंड स्थित

हरली गांव में अचानक बोरिंग के पानी से आग की लपटे को देख लोगों की भीड़ जमा हो

गयी। हर कोई कौतूहल वश इस इस नजारे को अपने कैमरे में कैद कर रहे थे। बड़कागांव

प्रखंड मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर  हरली के सिमासी बागी के धान खेत में

ओएनजीसी के द्वारा किए गए बोरिंग से  जमा पानी से अचानक आग की लपेटे निकलने

लगे। आग धरती के अंदर से निकल रहा है। पहले पानी में बड़े- बड़े बुलबुले निकालने लगे।

उसके बाद धीरे -धीरे छोटी आग की लपटें दिखाई देने लगे। फिर देखते ही देखते पानी में

बड़े-बड़े आग की लपटें दिखाई पड़ने लगी। इसे देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़

गयी। इसे देख कोई दिव्य शक्ति मानने लगे, तो कोई इसे मिथेन गैस होने का चर्चा कर

रहे हैं।

थाना प्रभारी के निर्देश पर इलाके की घेराबंदी की गयी

इसकी सूचना मिलने के बाद  थाना प्रभारी हिमांशु शेखर  के द्वारा ओएनजीसी के प्रभा

एनर्जी को निर्देश दिया कि उस स्थल को खतरा का चिन्ह लगाकर बैरिकेडिंग कर दी जाए।

ताकि वहां किसी तरह से अनहोनी न हो। जिसके बाद ओएनजीसी के अधिकारियों के

द्वारा ऐसा किया गयाहै। मौके पर  प्रभा एनर्जी के सिक्योरिटी इंचार्ज कर्नल  एवं क्षेत्रीय

इंचार्ज अमित सिन्हा, झारखंड कॉलेज के प्राचार्य विनोद यादव,  त्रिवेणी महतो पंचायत

समिति सदस्य उपेंद्र महतो आदि उपस्थित थे



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