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अंत में सीएम नीतीश कुमार ने 15 मई तक लॉकडाउन का एलान किया

  • अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर सभी सभी प्रतिष्ठान व कार्यालयों में लगेगा ताला

पटना : अंत में सीएम नीतीश कुमार ने वही फैसला लिया, जिसकी मांग विपक्षी दल काफी

समय से करते आ रहे थे। बिहार में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने

अंत में 10 दिनों का लॉकडाउन लगाने का निर्णय ले लिया। लॉकडाउन लगाने के

कयास पहले से ही चल रहे थे। सीएम नीतीश कुमार ने आज लॉकडाउन का आदेश दे दिया

है। सीएम नीतीश कुमार के ट्विटर हैंडल से लॉकडाउन के बारे में ट्वीट कर जानकारी दे दी

गई है। इस वक्त की सबसे बड़ी खबर बिहार से है, जहां कोरोना के बेलमाम मामलों और

हाईकोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद बिहार सरकार ने लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है।

सीएम नीतीश कुमार ने अपने ट्विटर हैंडल से बिहार में 15 तक लॉकडाउन की घोषणा कर

दी है। मालूम हो कि बिहार में पिछले एक पखवाड़े से कोरोना के केस काफी बढ़ गए थे और

सैकड़ों लोगों की मौत सिर्फ राजधानी में ही हो गई थी। इसको देखते हुए पूरे राज्य में

दैनिक की स्थिति बन गई थी। सरकार पर लॉक डाउन करने का दबाव भी दिया जा रहा

था। लॉकडाउन से यह फायदा होगा की एक कोरोना के चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी।

इस नियम के तहत दवा दुकानें, मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एम्बुलेंस सेवाओं से संबंधित

प्रतिष्ठान खुले रहेंगे। बिहार के गृह विभाग ने 15 मई तक राज्य में लागू लॉकडाउन के

मद्देनजर विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दिया है। विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि

कोरोना वायरस जनित महामारी की दूसरी लहर से देश के अनेक राज्यों सहित बिहार में

भी कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है।

अंत में सीएम नीतीश कुमार का फैसला और केंद्र का निर्देश जारी

इस बीच केंद्रीय गृह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी निदेश में

कहा गया है कि राज्य सरकार स्थिति के आकलन के आधार पर कोरोना की रोकथाम हेतु

आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत निर्दिष्ट उपाय कर सकती

है।

मंगलवार को आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में राज्य में कारोना संक्रमण की वर्तमान

स्थिति की समीक्षा की गयी। इसमें पाया गया है कि राज्य में पॉजिटिविटी की दर पिछले

एक सप्ताह से निरंतर 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है अतः स्थितियों पर व्यापक

नियंत्रण के लिए पांच से 15 मई तक कई और प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।

राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे। अपवाद : आवश्यक सेवाएं जिला प्रशासन,

पुलिस, सिविल डिफेंस, विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति, स्वच्छता, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य,

आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, डाक विभाग से संबंधित कार्यालय यथावत कार्य करेंगे।

न्यायिक प्रशासन के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा लिया गया निर्णय लागू होगा

अस्पताल एवं अन्य संबंधित स्वास्थ्य प्रतिष्ठान ( पशु स्वास्थ्य सहित), उनके निर्माण

एवं वितरण इकाईयां सरकारी एवं निजी, दवा दुकानें, मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एम्बुलेंस

सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठान यथावत कार्य करेंगे। वाणिज्यिक एवं अन्य निजी प्रतिष्ठान

बंद रहेंगे।

बैंकिंग, बीमा एवं एटीएम संचालन से संबंधित प्रतिष्ठान। औद्योगिक एवं विनिर्माण से

संबंधित प्रतिष्ठान। सभी प्रकार के निर्माण कार्य से जुड़ी सारी गतिविधियां। कृषि एवं

इससे जुड़े कार्य। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया। टेलीकम्यूनिकेशन, इंटरनेट सेवाएं,

ब्रॉडकास्टिंग एवं केबल सेवाओं से संबंधित गतिविधियां। पेट्रोल पम्प, एलपीजी,

पेट्रोलियम आदि से संबंधित खुदरा एवं भण्डारण प्रतिष्ठान। आवश्यक खाद्य सामग्री

तथा फल एवं सब्जी (ठेला पर घूम – घूम कर बिक्री सहित) /मांस-मछली/दूध/पीडीएस की

दुकानें प्रातः 7.00 बजे से 11 00 बजे पूर्वाह्न तक।

क्या खुला रहेगा और क्या बंद रहेगा वह स्पष्ट है

कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउसिंग सेवाएं। निजी सुरक्षा सेवाएं। अन्य सभी प्रतिष्ठान वर्क

फ्रॉम होम के आधार पर कार्य कर सकते हैं। सार्वजनिक स्थानों एवं मार्गो पर अनावश्यक

आवागमन ( पैदल सहित ) पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन

बंद रहेगा। अपवाद : पब्लिक ट्रासपोर्ट में निर्धारित बैठने की क्षमता के 50 प्रतिशत के

उपयोग की अनुमति रहेगी।

केवल रेल, वायुयान अथवा अन्य लंबी दूरी यात्रा करने वालों तथा अनुमान्य सेवाओं से

संबंधित व्यक्तियों को ही सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अनुमति होगी। स्वास्थ्य से

जुड़ी गतिविधियों में संलग्न वाहन एवं स्वास्थ्य प्रयोजनार्थ प्रयुक्त निजी वाहन

अनुमान्य कार्यों से संबंधित कार्यालयों के सरकारी वाहन। वैसे निजी वाहन जिन्हें जिला

प्रशासन द्वारा किसी विशेष कार्य हेतु ई पास निर्गत है। सभी प्रकार के माल वाहक वाहन।

वैसे निजी वाहन जिनमें हवाई – जहाज / ट्रेन के यात्री यात्रा कर रहे हों और उनके पास

टिकट हो। कर्त्तव्य पर जाने हेतु सरकारी सेवकों एवं अन्य आवश्यक अनुमान्य सेवाओं के

निजी वाहन। अंतरराज्यीय मार्गों पर अन्य राज्यों को जाने वाले निजी वाहन।

सभी स्कूल / कॉलेज / कोचिंग संस्थान / ट्रेनिंग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।

इस अवधि में राज्य सरकार के विद्यालय एवं विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी तरह की

परीक्षाएं भी नहीं ली जाएंगी। रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानें बंद रहेंगी।

अंत में इनकी संचालन  केवल होमडिलीवरी के लिए प्रातः 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक

अनुमान्य होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित ढाबे टेक होम के आधार पर कार्यरत रह

सकते हैं। सभी धार्मिक स्थल आमजनों के लिए बंद रहेंगे। सभी प्रकार के सामाजिक,

राजनीतिक,मनोरंजन, खेल, कूद, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन, समारोह

प्रतिबंधित होंगे।

मनरेगा तथा  शहरी रोजगार योजना के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्य अनुमान्य होंगे

सभी जिलाधिकारी अपने अपने जिलान्तर्गत चिन्हित स्थानों पर सामुदायिक किचन

स्थापित करेंगे रोजगार के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के अन्तर्गत तथा शहरी क्षेत्रों में

शहरी रोजगार योजना के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्य अनुमान्य होंगे। सभी राशन कार्ड

धारकों को मई माह में राशन की प्राप्ति हेतु किसी राशि का भुगतान नहीं करना होगा।

उक्त राशि का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। सभी जिला पदाधिकारी इस

आदेश के अनुपालन हेतु धारा 144 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा निर्गत करेंगे। उपरोक्त आदेशों

का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005

की धारा 51-60 एवं भा.द.वि. की धारा 188 के प्रावधानों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की

जाएगी।

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