fbpx Press "Enter" to skip to content

किसान बनाए वाइन, जैम, जेली और प्यूरी, बर्बाद नहीं होगी फसल

नई दिल्ली : किसान देश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है जो एक देश के सैनिक के बराबर

कार्य करता है। जो अभी लॉकडाउन के कारण बर्बाद हो रही फसलों से परेशानी में जीवन

व्यतीत कर रहा है क्यूंकि अधिकतर फसल बाज़ार तक या तो पहुँच नहीं पा रही या बिक

नहीं रही है। इसपर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई सी ए आर) ने सुझाव देते हुए

कहा कि लॉकडाउन से कृषि उत्पादों को नष्ट होने से किसानों को होने वाले नुकसान से

बचने के लिए वाइन, टमाटर प्यूरी और मूल्य वर्धित उत्पाद बनाना चाहिए।लॉकडाउन के

दौरान लगाए गए विभिन्न पाबंदियों के मद्देनजर आईसीएआर ने कृषिक्षेत्र के लिए

राज्यवार दिशा निर्देश जारी किए हैं जिनमें किसानों को जल्दी खराब होने वाले कृषि

उत्पादों को बचाने के लिए अनेक सलाह दी गई हैं। इसमें किसानों से वाइन, जैम, जेली,

स्कवैश, अंचार, टमाटर प्यूरी और मशरूम के मूल्य वर्धित उत्पाद बनाने का सुझाव दिये

गए है। मेघालय के किसानों के लिए जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि स्ट्राबेरी की खेती

करने वाले किसान इसके बिकने में परेशानी होने पर इससे मूल्य वर्धित उत्पाद बनाए।

स्ट्राबेरी से किसान वाइन, जैम, जेली और स्कवैश भी बना सकते हैं। इस राज्य में किसानों

को मक्का के बीज और कुछ उर्वरक घर पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है ।

त्रिपुरा के किसानों को टमाटर की बिक्री में कठिनाई होने पर इसे जीरो एनर्जी कोल्ड चेंबर

में भंडारण करने या टमाटर प्यूरी बनाने का सुझाव दिया गया है। राज्य में मछली पालन

करने वाले किसानों को घर में ही सरसो खल, चावल और पके हुए चावल से मछली चारा

बनाने को कहा गया है। अनुसंधान एवं विकास से संबंधित अधिकारियों को पशु पाक्षियो

के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यो में

लॉकडाउन के दौरान मांस, मछली, फल और सब्जी की दुकाने खुली रहेंगी तथा इनका

परिवहन जारी रहेगा। इस क्षेत्र के ज्यादातर लोग मांसाहारी है जिसके कारण यह व्यवस्था

की गई है। आईसीएआर ने नागालैंड में मशरूम के तैयार होने और उसकी बिक्री नहीं होने

पर उसे धूप में सूखने की सलाह दी है। यह सुविधा नहीं होने पर चूल्हे पर इसे सूखने को

कहा गया है जिसमें नमी की मात्रा पांच से छह प्रतिशत से अधिक नहीं हो।

किसान के साथ-साथ पशुपालन में लगे लोगों को भी दिया सुझाव

सूअर पालन करने वाले किसानों को मक्का से उसका चारा तैयार करने की सलाह दी गई

है। मिजोरम में आवश्यक वस्तुओं को लाने ले जाने वाले वाहनों को लॉकडाउन से छूट दी

गई है। इसके साथ ही लोगो को जंगल से पशुओं के लिए चारा लाने कि भी आजादी दी गई

है। मणिपुर में, मछली, चारा, फल और सब्जियों की दुकानों को खुली रखने की छूट दी गई

है । इस राज्य में सब्जियों कि ऑनलाइन आपूर्ति जारी रखी जाएगी। असम में आलू,

टमाटर और मिर्च को नहीं बिकने कि स्थिति में उसे कोल्ड स्टोरेज में भंडारण करने का

सुझाव दिया गया है। अरुणाचल प्रदेश में बांस से बने हवादार संरचना में आलू का भंडारण

करने को कहा गया है। कृषि दिशा निर्देश में कहा गया है कि झूम खेती के लिए यह

उपयुक्त समय है। पश्चिम बंगाल में कृषि कार्य को लॉकडाउन से छूट देने के साथ ही वन

क्षेत्र की गतिविधियों को अनिवार्य सेवा माना गया है। अनिवार्य खाद्य सामग्रियों का

सड़क परिवहन प्रतिबंधमुक्त रहेगा। कोल्ड स्टोरेज और गोदाम सेवा जारी रहेगी। मछली,

मछली बीज और मछली उत्पाद की गतिविधियों से जुड़े लोगों को बिना रुकावट के

आवागमन की सुविधा होगी। इस राज्य में अधिकारियों को मत्स्य उत्पादन के कार्य में

तेजी लाने का भी निर्देश दिया गया है। उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन से जुड़े श्रमिको और

इसके परिवहन से जुड़े वाहनों को लॉकडाउन से कुछ राहत दी गई है, जिससे वे खुश है।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from अजब गजबMore posts in अजब गजब »
More from कोरोनाMore posts in कोरोना »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from लाइफ स्टाइलMore posts in लाइफ स्टाइल »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!