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राज्य के किसान अब बिरसा किसान के नाम से जाने जाएंगे

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  • खेत किसानों का बैंक और पशुधन एटीएम

  • राज्य के तमाम वनोपजों को मिलेगा बढ़ावा

  • बाजार और उचित मूल्य की होगी व्यवस्था

राष्ट्रीय खबर

रांचीः राज्य के किसान मजबूत होंगे तभी राज्य मजबूत होगा। आज विश्व आदिवासी




दिवस के अवसर पर हम सभी लोग राज्य के किसान भाईयों को सम्मान देने का कार्य कर

रहे हैं। आज से झारखंड के किसानों को बिरसा किसान के नाम से जाना जाएगा। आजादी

के पहले से ही हमारे पूर्वजों ने अपने आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए जल, जंगल,

जमीन को बचाने के लिए संघर्ष किया था। भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिदो

कान्हो, चांद-भैरव, फूलो-झानो सहित अनेकों वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी।

झारखंड वीरों की भूमि रही है। हमें गर्व है कि ऐसे वीर सपूतों का मार्गदर्शन हमें मिला है।

उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में आयोजित बिरसा

किसान के सम्मान में केसीसी एवं मुख्यमंत्री पशुधन वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते

हुए कहीं। मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की

शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपारिक आय के साधनों में कमी

आयी है। लाह, सिल्क इत्यादि चीजों का उत्पादन झारखंड राज्य में सबसे अधिक होता है

परंतु इन संपदाओं का पूरा लाभ हमें नहीं मिल पाता है। सरकार वनोपज हेतु व्यवस्था

दुरुस्त करने में लगी है। किसानों को वनोपज के लिए बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध हो

सके इस निमित्त प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। जल्द ही बन उपज के विस्तार

के लिए फेडरेशन बनाए जाएंगे।

राज्य के किसान तरक्की करें यह सरकार की सोच है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों एवं खेतिहर मजदूरों के

लिए खेत उनका बैंक और पशुधन एटीएम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आबादी का

बड़ा हिस्सा जो किसान के रूप में है वे अपने खेती-बारी से ही जीवन यापन करते हैं।

पशुपालन तथा पशुधन उनके लिए आय का सरल साधन है। पशुधन जैसे आय के स्रोतों




को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने पशुपालन पर विशेष बल दिया है। ग्रामीण

किसान एवं खेतिहर मजदूर भाईयों को सब्सिडियरी पर पशु एवं पशु शेड उपलब्ध कराए

जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 40% बच्चे जन्म लेते ही कुपोषण का

शिकार हो जाते हैं। हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सप्ताह में 6 दिन इन बच्चों

को अण्डा उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बच्चों को कुपोषण मुक्त

करना हमारा संकल्प है। पशुपाल, मुर्गी पालन,अण्डा उत्पादन, मछली उत्पादन इत्यादि

को सरकार बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित किसानों से अपील किया कि वे राज्य

सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का पूरा लाभ लें।

मुख्यमंत्री से कृषि पर बहुत अधिक ध्यान दिया हैः पत्रलेख

कृषि मंत्री श्री बादल पत्रलेख ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने

जब से राज्य की बागडोर संभाली है तब से प्रत्येक सेक्टर में प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए

जा रहे हैं। खास तौर पर कृषि विभाग पर मुख्यमंत्री की विशेष कृपा रही है। मुख्यमंत्री

द्वारा झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में सांकेतिक तौर पर 20 लाभुक किसानों

को किसान क्रेडिट कार्ड, 10 किसानों को पशुधन तथा 2 सब्जी विक्रेता सहकारी संघ को

पिकअप वैन का वितरण किया गया। दुमका और बोकारो के मौके पर मुख्यमंत्री श्री

हेमन्त सोरेन ने वर्चुअल माध्यम से बोकारो एवं दुमका के किसानों से बात की। मुख्यमंत्री

ने किसानों से उनके फसल एवं कृषि गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली तथा उन्हें

शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का,

मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव श्री अबु बकर सिद्दकी, कृषि

निदेशक श्रीमती निशा उरांव, पशुपालन निदेशक श्री शशि प्रकाश झा सहित अन्य

अधिकारी उपस्थित थे।



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