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प्रख्यात विचारक गोविंदाचार्य युगांतर भारती के कार्यक्रम में शामिल




  • दुनिया के हर हिस्से में बदलाव से खतरा बढ़ रहा है

  • असली खतरा इंसानों से उनकी सुख की कल्पना है

  • भारत के 57 फीसद संपदा एक प्रतिशत के पास है

  • गूगल भारत में कम टैक्स देता है, यह प्रमाणित है

रांचीः प्रख्यात विचारक के एन गोविंदाचार्य ने कहा कि पिछले कई

महीनों से ऑस्ट्रेलिया में लगी आग के कारण कई करोड़ पशु पक्षी मारे

गए है। समुंद्र का जल स्तर बढ़ रहा है। विकास के नाम पे भारत

90000 गांवों को शहरों में लीन करा लिया गया है। आज असमय वर्षा

के कारण कृषि पंचाग अस्तव्यस्त हो गया है। युगांतर भारती के

कार्यक्रम में वह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए थे। श्री गोविंदाचार्य

ने कहा कि पिछले 5000 वर्षों में जितना बदलाव प्रकृति में आया है

उतना बदलाव पिछले 500 वर्ष में आया है और उतना ही बदलाव

पिछले 50 वर्षों में आया है। टेक्नोलॉजी ड्रिवन सोसायटी से फॉसिल

ऑयल का उपयोग बढ़ गया है और नड गोवंश बेकार हो गया है।

समाज में तनाव बढ़ने का मुख्य कारण सुख की कल्पना सुविधा से

करने से हो रही है। प्रख्यात विचारक ने कहा कि 50 वर्ष पूर्व विश्व का

70ः सम्पत्ति 30 फीसद जनसंख्या के पास थी। आज 80 फीसद

सम्पत्ति 20ः जनसंख्या के पास है। भारत में 57 फीसद संपदा मात्र 1

प्रतिशत आबादी के पास है। श्री गोविंदाचार्य ने आश्चर्य व्यक्त किया

गूगल का भारत में हर वर्ष का कुल कारोबार होता है 4 लाख 29 हजार

करोड़ पर वो टैक्स देता है सिर्फ 7000 करोड़ पर। आज साइबर वार कि

वजह से कई देश की संप्रभुता खतरे में है। श्री गोविंदाचार्य ने कहा कि

एफडीआई आने पर भी अर्थव्यवस्था की हालात ठीक नहीं है। उन्होंने

कहा कि 500 वर्ष पहले कहा जाता था कि मनुष्य सबसे पराक्रमी है।

पिछले 50 वर्ष में भारत का 60ः जैव विविधता का नुकसान हुआ है।

आज पर्यावरण केंद्रित विकास के लिए राजनैतिक परिवर्तन की जरुरत

है।

प्रख्यात विचारक के साथ मंच सांझा किया सीपी सिंह ने

मुख्य अतिथि विधायक श्री सी पी सिंह ने कहा कि पूरा विश्व पर्यावरण के

लिए चिंतित है लेकिन असरदार पहल की अभी भी कहीं न कहीं कमी है।

प्रतेक दिन हर व्यक्ति पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। सब कुछ

सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है। श्री सिंह ने कहा कि स्वभाव

में बदलाव लाने से ही पर्यावरण में बदलाव संभव है। उन्होंने उधारण

देते हुए कहा कि सड़क बनने के लिए पेड़ काटे जाते है। नियम कहता है

कि पेड़ को काटने पर पेड़ को लगाना भी पड़ता है और उसका संघरक्षण

भी करना पड़ता है। लेकिन ऐसा नहीं होता है।

गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे विधायक सरयू राय ने कहा कि दामोदर

95 प्रतिशत प्रदूषण मुक्त हो चुकी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल प्रदूषण

कर रहे संघटनो पर कार्रवाई कर रहा है। श्री राय ने कहा कि दामोदर

बचाओ आंदोलन की शिकायत पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में बी टी पी

एस, सी टी पी एस पर एक एक करोड़ का जुर्माना लगाया है। श्री राय ने

ऐलान किया कि मई के महीने में युगांतर भारती पर्यावरण मेला

करवाईगी, और दिसंबर में एक स्मारिका का विमोचन होगा जिसमें

पर्यावरण के क्षेत्र में अन्य संस्था के काम के बारे में बताया जाएगा।

जल का अभाव दरअसल अतिक्रमण की वजह से डॉ गोपाल शर्मा

विशिष्ठ अतिथि भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के डा गोपाल शर्मा ने कहा कि

अतिक्रमण की वजह से जल सकंट होता है। गंगा में पानी के अभाव

के कारण नेशनल वॉटरवेज 1 की योजना फेल कर गई है। स्पोंजी लेयर

समाप्त हो गया है। युगांतर भारती के दो दशको के क्रियाकलापों के

बारे में विस्तारपुर्वक युगांतर भारती सचिव श्री आशीष शीतल ने

बताया। विषय प्रवेश रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार डा

एम के जमुआर ने किया। स्वागत भाषण युगांतर भारती के अध्यक्ष

श्री अंशुल शरण ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो उदय कुमार ने दिया।

कार्यक्रम में श्री विवेकानंद झा द्वारा लिखित पुस्तक दा मेकिंग आफ

नरेन्द्र मोदी एंड अनमेकिंग आफ जवाहरलाल नामक पुस्तक का

विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम में सुरेन्द्र बिस्थ, जयनंदु, सूर्यमणि सिंह,

ए के मिश्रा, उमेश दास, पवन कुमार, मुकेश कुमार, मुकेश सिंह,

माधुरी सिन्हा, पुष्पा टोपनो, रेखा देवी, बजरंग कुमार, निरज कुमार,

अंगद मुण्डा, ब्रिजनन्दन कुमार, पांडव महतो इत्यादि उपस्थित थे



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