बुलंदशहर में मारे गये इंस्पेक्टर का परिवार योगी से मिला अभियुक्त गिरफ्तार

बुलंदशहर में मारे गये इंस्पेक्टर का परिवार योगी से मिला अभियुक्त गिरफ्तार
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  • मुख्यमंत्री ने किया एक नौकरी, पेंशन और 50 लाख  का वादा

  • बजरंग दल का अध्यक्ष योगेश राज गिरफ्तार

  • भीड़ को उकसाने वालों की हो रही पहचान

  • परिवार के कहा योगी पर है पूरा भरोसा

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः बुलंदशहर में भीड़ द्वारा मारे गये पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिवार के लोगों ने

आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने उन्हें अपनी तरफ से हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिया।

दूसरी तरफ पुलिस ने इस घटना के लिए मुख्य रुप से जिम्मेदार समझे गये बजरंग दल का जिला अध्यक्ष

योगेश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों ने गुरुवार सुबह लखनऊ में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाक़ात की. मुख्यमंत्री ने उन्हें हरसंभव मदद और न्याय का भरोसा दिलाया।

योगी ने बुधवार को सुबोध कुमार के परिवार को मिलने के लिए लखनऊ बुलाया था।

सुबोध कुमार की पत्नी अपने दोनों बेटों और अपनी बहन के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गई थीं।

क़रीब आधे घंटे की मुलाक़ात के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुबोध कुमार के बड़े बेटे श्रेय प्रताप सिंह ने

सिर्फ़ इतना कहा, “हमें सरकार पर पूरा भरोसा है।”

सुबोध कुमार के परिजनों को मुख्यमंत्री से मिलवाने के लिए एटा के प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग और विधायक सतपाल राठौर साथ थे।

बाद में मंत्री अतुल गर्ग और राज्य के डीजीपी ओपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि

सुबोध के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।

बुलंदशहर की घटना पर पुलिस का रुख सख्त

मुख्यमंत्री ने कहा है कि घटना की हर स्तर से जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को किसी भी क़ीमत पर बख़्शा नहीं जाएगा।

सुबोध कुमार के दोनों बेटों की पढ़ाई का पूरा ख़र्च सरकार उठाएगी।

मकान और बच्चों की पढ़ाई के लिए लिया गया तीस लाख रुपये का क़र्ज़ भी सरकार चुकाएगी।

परिवार को असाधारण पेंशन, एक सदस्य को नौकरी और पत्नी को पेंशन दी जाएगी।”

दूसरी तरफ मुख्य आरोपी को दंगा फैलाने के आरोप में घटना के तीन दिन बाद गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही योगेश राज ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि वह घटना स्थल पर

मौजूद नहीं था और हिंसा से उसे कोई लेना देना नहीं है।

राज ने यह भी दावा किया था कि उत्तर प्रदेश पुलिस उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही थी।

बजरंग दल के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहसंयोजक प्रवीण भाटी ने भी कहा था कि योगेश राज का

हिंसा की इस घटना से कोई लेना देना नहीं है।

भाटी ने कहा कि वह सही समय आने पर पुलिस को जांच में मदद करेगा।

अफवाह के बाद फैलायी गयी थी हिंसा

उल्लेखनीय है कि सोमवार को बुलंदशहर के स्याना गांव में गोकशी की अफवाह के बाद हिंसा फैल गई थी।

इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और भीड़ को काबू करने का प्रयास किया लेकिन बेकाबू भीड़ हिंसक होती गई

और इसी दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक स्थानीय युवक की गोली लगने से मौत हो गई।

वैसे अब समझा जा रहा है कि पुलिस इंस्पेक्टर की मौत की वजह से ही वहां दंगा होना टल गया था।

वरना वहां कुछ लोग भीड़ को उकसा रहे थे। इस बारे में अन्य जानकारी भी धीरे धीरे सार्वजनिक हो रही है।

पुलिस ने इस मामले में 2 एफआईआर दर्ज किया है. इसमें 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं।

पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394

और 7 क्रिमिनल अमेंडमेंट लॉ के तहत एफआईआर दर्ज किया है।

मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.