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फर्जी डॉक्टर बनकर कर रहे थे 5 वर्षों से इलाज, डीएमसी डॉक्टरो ने छापेमारी कर निकाला सच

दिल्ली : फर्ज़ी डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज कर रहे अस्पताल पर डीएमसी डॉक्टरो ने छापेमारी की और सच को सामने लाये.

मंगलवार को दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल के आसपास इलाकों में मेडिकल काउंसिल की टीम ने छापेमारी की.

जहां से दो फर्ज़ी डॉक्टर पकड़ाये, जो खुद को डॉक्टर बता रहे थे.

जानकारी के अनुसार ये लोग खुद को डॉक्टर बता कर पिछ्ले कई वर्षों से लोगों का इलाज कर रहे थे.

सबसे जरूरी बात तो यह खुलकर सामने आई कि ये फर्ज़ी डॉक्टर के पास ना तो एमबीबीएस की डिग्री है और ना ही ये लोग स्नातक भी किये है.

ये डॉक्टर सिर्फ दसवीं पास है और लोगों की आँखों में धूल झोंककर इलाज कर रहे थे.

इस मामले में DMC की एंटी क्वैकरी सेल के चेयरमैन डॉक्टर अनिल बंसल का कहना है कि दिल्ली में करीब 30 हजार से भी ज्यादा फर्जी डॉक्टर्स हैं.

जिन्हें दवा का कोई ज्ञान नहीं हैं और वो मरीजों का इलाज कर रहे हैं.

NBT रिपोर्ट द्वारा मामले का खुलासा

बता दें कि इस छापेमारी में DMC के कुछ डॉक्टर्स के साथ में नई दिल्ली के CDMO यानी चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर भी थे.

दरअसल, इस पूरे मामले का खुलासा NBT रिपोर्ट के मुताबिक मिली.

जब DMC को दिल्ली के काली बाड़ी इलाके में फर्जी डॉक्टर्स के होने की जानकारी मिली.

हालांकि इस मामले में कई और भी डॉक्टर सम्मीलित हैं पर पूर्णत: उनका विवरण नहीं मिल पाया है.

पकड़े गये डॉक्टर के अनुसार पुछ्ताछ में पाया गया कि एक बंदा केवल 10वीं पास है और 5 साल से लोगों का इलाज कर रहा था.

यही नहीं बल्कि वे लोग सार्वजनिक ढंग से खुलेआम अपना क्लिनिक चला रहे थे.

जहाँ वो लोगों को दवा लिखता था और इंजेक्शन भी देता था.

जरूरत पड़ने पर कभी-कभी मरीजों को ग्लूकोज भी चढ़ा देता था.

फिलहाल कड़े कदम उठाते हुए दोनों को नोटिस दिया गया है और सारे दस्तावेजों के साथ उन्हें CDMO ऑफिस बुलाया गया है.

सूत्रों के अनुसार जरूरत पड़ने पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की जा सकती है.

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