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फडणवीस के बहाने केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधा भाजपा सांसद ने







  • पूर्व मंत्री हेगड़े ने कहा आखिर जल्दबाजी किस बात की थी
  • केंद्र का चालीस हजार करोड़ बचाने की कोशिश
  • देवेंद्र फडणवीस ने किया आरोप का स्पष्ट खंडन
  • अनंत ने कहा बहुमत नहीं था तो आगे क्यों बढ़े
वी शिव कुमार

मुंबईः फडणवीस के बहाने भाजपा के एक अन्य सांसद सह पूर्व मंत्री
अनंत कुमार हेगड़े ने परोक्ष तौर पर अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर
निशाना साध  दिया है। हेगड़े का आरोप है कि सिर्फ केंद्र के चालीस
हजार करोड़ बचाने के लिए आनन  फानन में देवेंद्र फडणवीस को वहां
के मुख्यमंत्री बनाया गया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने
मुख्यमंत्री कोष में पड़े इस केंद्रीय राशि  को आनन फानन में दिल्ली
को स्थानांतरित कर दिया।

दूसरी तरफ यह बयान आने के बाद खुद देवेंद्र फडणवीस ने इस आरोप
का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने
ऐसा कोई नीतिगत फैसला ही नहीं लिया है।

वैसे भी हेगड़े को विवादास्पद बयान देने के लिए पहले से जाना जाता
है। अब फडणवीस का स्पष्टीकरण आने के बाद उन्होंने दोबारा से
मुंहजबानी  तोप का गोला दागते हुए कहा कि फिर मात्र 80 घंटे के लिए
मेरे मित्र को  मुख्यमंत्री बनने की जल्दबाजी क्यों थी।

हर किसी को पता था कि शिव सेना को मनाये बिना भाजपा के पास
बहुमत का आंकड़ा नहीं था। इस अस्सी घंटे के नाटक से भाजपा को
फायदा हुआ या नुकसान इस  पर तो बहस करने की जरूरत है।

फडणवीस के बहाने कई बात कह गये सांसद

हेगड़े ने अपने आरोप के क्रम में कहा है कि दरअसल श्री फडणवीस को
आनन फानन में दोबारा मुख्यमंत्री सिर्फ इसी पैसे के लिए बनाया गया
था।

कर्नाटक के उत्तरा कन्नड जिला में उन्होंने कहा कि अगर यह पैसा
मुख्यमंत्री कोष में पड़ा रहता तो निश्चित तौर पर शिवसेना,  एनसीपी
और कांग्रेस के लोग इसका दुरुपयोग ही करते।

इस पैसे से जनता का विकास तो कतई नहीं होता। इसलिए जब इस
बात की जानकारी हो गयी कि तीन दल मिलकर सरकार बनाने जा
रहे हैं  तो इस पैसे को बचाने के लिए फडणवीस ने उसे वापस केंद्रीय
कोष में  भेज दिया ताकि जनता के विकास का पैसा सुरक्षित रह सके।

बाद में क्या कुछ हुआ, यह सभी की जानकारी में है।

वैसे भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान उनकी इन बातों की दूसरे
तरीके से व्याख्या की जा रही है। ऐसा समझा जा रहा है कि इसके
जरिए हेगड़े केंद्रीय नेतृत्व के फैसले  पर भी सवाल उठा रहे हैं।



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