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पूर्व कर्मचारी के आरोपों के जबाव में फेसबुक का स्पष्टीकरण आया




फेसबुक के बंद होना आंतरिक कारणों से ही है
इन साइट्स की सर्वर का ठिकाना बदला गया था
अंदर से किसी निर्देश से ही ऐसा किया जा सकता है
जांच के बीच आंकड़ों को मिटाने की कोशिश तो नहीं
राष्ट्रीय खबर

रांचीः पूर्व कर्मचारी द्वारा अमेरिकी सीनेट के सामने दिये गये बयान के बाद ही फेसबुक ने अपनी तरफ से सफाई पेश की है। दरअसल अचानक से फेसबुक और उसकी अन्य सोशल मीडिया साइट्स के करीब छह घंटे तक बंद होने की वजह से यह मामला तेजी से चर्चा में आ गयी है।




फेसबुक की सफाई में कहा गया है कि गंभीर आरोप लगाने वाली कर्मचारी कभी भी निर्णय लेने वालों में शामिल नहीं रही हैं। इसलिए उसकी बातों को अंतिम नहीं माना जा सकता है।

दूसरी तरफ साइबर विशेषज्ञ बता रहे हैं कि दरअसल फेसबुक, व्हाट्सएप अथवा इंस्टाग्राम के अचानक से बंद होने के जो कारण दुनिया को नजर आये हैं, वे मानव निर्मित ही हैं और यह किसी साइबर हमले की वजह से हुई गड़बड़ी नहीं थी।

साइबर गतिविधियों की जानकारी रखने वालों का कहना है कि दुनिया भर के फेसबुक उपभोक्ताओं ने अपने अपने मोबाइल अथवा कंप्यूटर पर इस साइट पर जाने की कोशिश करते हुए बार बार डीएनएस एरर (डीएनएस की गलती) का संदेश देखा है।

ऐसा तब होता है जब किसी खास स्थान से किसी निश्चित इंटरनेट लक्ष्य तक पहुंचने के लिए जो लक्ष्य तय हो, उसका रास्ता बंद हो जाए। फेसबुक के साथ भी ऐसा होता है।

कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक इसका संचालन करने वाले सर्वरों में दिये गये किसी गलत संकेत की वजह से भी ऐसा हो सकता है लेकिन दूसरे विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करने के बाद भी फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम अलग अलग हैं।

इसलिए अगर किसी एक में डीएनए एरर दिखता है तो अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए।

पूर्व कर्मचारी के आरोपों के बाद ऐसा होना संयोग नहीं 

सैद्धांतिक तौर पर कुछ लोग यह भी मानते हैं कि कंपनी के अंदर ही किसी ने जानबूझकर कंपनी को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसी गलती की हो लेकिन उसकी संभावना बहुत कम है क्योंकि ऐसे कार्यों मे लगे लोगों में कौन क्या कर रहा है, उसका पूरा विवरण दर्ज होता रहता है।




इंटरनेट एंड सिक्युरिटी पर काम करने वाली कंपनी हावर्ड बर्कमैन क्लेइन सेंटर के जोनाथन जिट्टारेन के मुताबिक यह कुछ वैसी स्थिति है, जिसमें कार का मालिक गाड़ी की चाभी को अंदर छोड़कर कार को बंद कर गया हो।

लेकिन उसकी संभावना बहुत कम है ऐसा अनुभवी लोग मानते हैं। वैसे विशेषज्ञों के मुताबिक फेसबुक के स्तर पर शायद बार्डर गेटवे प्रोटोकोल को जानबूझकर दूसरी तरफ निर्देशित कर दिया गया था।

जिसकी वजह से दुनिया भर में यह तीनों सोशल मीडिया साइट्स बंद हो गये थे। फेसबुक की पूर्व कर्मचारी ने एक टीवी साक्षातकार में साफ तौर पर अपने पूर्व के आरोपों से संबंधित दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस कंपनी ने आर्थिक लाभ के लिए सारी नैतिकता को ताक पर रख दिया है।

इसकी वजह से उनके तीनों सोशल मीडिया साइट्स आम नागरिकों और खास कर अल्प वयस्कों के लिए अत्यंत खतरनाक बन गये हैं।

सीनेट पर सुनवाई से पूर्व ही छह घंटे सेवा बाधित

टीवी पर इस इंटरव्यू का प्रसारण होने के बाद ही अचानक से तीनों सोशल मीडिया साइट्स का बंद हो जाना महज एक संयोग है, ऐसा विशेषज्ञ नहीं मानते हैं।

कुछ लोगों की राय में इन सर्वरों में मौजूद आंकड़ों को मिटाने के लिए ही शायद ऐसा किया गया था। इस बीच सर्वर में मौजूद गलत किस्म के आंकड़ों की शायद सफाई की गयी होगी ताकि अगर अमेरिकी सीनेट इस मामले की और गहराई से जांच करे तो उसे आरोपों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिले।

यह सारा काम निपट जाने और तीनों सोशल मीडिया साइट्स को फिर से चालू करने लेने के बाद ही फेसबुक की तरफ से कंपनी पर लगे आरोपों के बारे में सफाई दी गयी है।



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