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फेसबुक ने पहली बार स्वीकारा कि सरकारी ट्रोल होते हैं उसके पास




  • निकारागुआ सरकार की कंपनियों को निकाल बाहर किया

वाशिंगटनः फेसबुक ने विवादों में फंसे होने के बीच पहली बार औपचारिक तौर पर




स्वीकार किया है कि उसके पास फर्जी एकाउंट होते हैं और उनमें सरकारी खाते भी होते हैं।

निकारागुआ की सरकार के लिए काम करने वाली एक फर्म को ऐसे एकाउंटों को हटाने के

एलान के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि फेसबुक की सहमति से ही ऐसे फर्जी पोस्ट

चलाये जाते रहे हैं। सोमवार को फेसबुक की तरफ से इस बात का एलान किया गया कि

निकारागुआ की सरकार के लिए काम करने वाले ऐसे करीब एक हजार फेसबुक और

इंस्टाग्राम खातों को बंद किया गया है। दूसरी तरफ फेसबुक विरोधियों का आरोप है कि

शायद निकारागुआ में होने वाले चुनाव में विरोधी दल को फायदा पहुंचाने के लिए फेसबुक

ने इस बात का एलान अभी किया है जब चुनाव सर पर हैं।इससे स्पष्ट हो गया है कि इस

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने पहले से ही आर्थिक लाभ के लिए अनेक देशों की सरकारों को

ऐसे फर्जी एकाउंट बनाने की छूट दे रखी थी। अब अमेरिकी सीनेट के अलावा ब्रिटेन में भी

मामले की जांच प्रारंभ होन के बाद फेसबुक का यह फर्जीवाड़ा धीरे धीरे सामने आ रहा है।

निकारागुआ की सरकार के लिए संचालित होने वाले इन फर्जी एकाउंटों को एक फर्म के

द्वारा संचालित किया जाता था, जो दरअसल ट्रोल का काम करते थे। इन ट्रोलों का काम

अपने पक्ष की बातों को अधिक से अधिक प्रसारित करने के अलावा विरोधी की बातों का




खंडन करना होता है। कई बार एक ही पोस्ट अलग अलग भाषाओं में अनुवादित कर भी

सोशल मीडिया में फैलाये जाते हैं।

फेसबुक ने पहले लगे आरोपों को गलत बताया था

फेसबुक ने बताया है कि निकारागुआ के ऐसे फर्जी खाते वर्ष 2018 से ही संचालित किये जा

रहे थे। इसके संचालन का केंद्र वहां की टेलीकॉम गतिविधियों पर नजर रखने वाली कंपनी

टेलकोर का एक कर्मचारी किया करता था। यह सारा काम देश की राजधानी मानागुआ के

पोस्टल विभाग के मुख्यालय से होता था।फेसबुकने जो कुछ कहा है उससे पहले से लग

रहे आरोप और मजबूत हो गये हैं कि कंपनी ने विभिन्न देशों की सरकारों से फायदा लेने

के लिए उनके द्वारा संचालित फर्जी खातों को बढ़ावा दिया है। इन खातों से जारी होने वाले

फर्जी पोस्टों को अधिक से अधिक प्रसारित करने तथा अन्य सूचनाओं को दबाने का काम

भी फेसबुक के द्वारा किये जाने का आरोप कंपनी की एख पूर्व कर्मचारी पहले ही लगा

चुकी है। अपने आरोपों के समर्थन में उस महिला ने अनेक दस्तावेज भी जारी किये हैं। इस

बीच फेसबुकने यह भी एलान कर दिया है कि वह आगामी एक दिसंबर के मेटा प्लेटफॉर्म

के नाम से अपना व्यापार करने जा रही है। फेसबुकफिलहाल अमेरिकी विधि विशेषज्ञों की

जांच के दायरे से गुजर रहा है।



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