fbpx Press "Enter" to skip to content

आबकारी विभाग के कुछ अफसर शराब के अवैध कारोबार में शामिल हैं




  • जब्त शराब का दो सौ बोतल मार ले गये अफसर
  • 70 बोतल में से सिर्फ 40 की जब्ती
  • अंग्रेजी शराब में नकली माल भी था
  • रातू रोड और हरमू रोड में खपाया गया माल
  • विभाग की मैडम हर बार बीयर घर ले जाती हैं
संवाददाता

रांचीः आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों ने छापामारी को निजी कमाई का

जरिया बना लिया है। यह तीनों फिलहाल रांची में ही पदस्थापित हैं और बदस्तूर

अपना कारोबार चला रहे हैं।

ताजी सूचना के मुताबिक आबकारी विभाग के दल ने हाल ही में नामकुम इलाके में

छापा मारकर विदेशी शराब की 270 बोतलें जब्त की थी।

अब जांच में पता चला है कि इसमें से सिर्फ 40 बोतलों की ही जब्ती दिखाई गयी है।

शेष बोतल गायब कैसे हुए, इसकी छान-बीन में बिल से विशाल विषधर सांप

निकलता नजर आ रहा है।

पूछताछ से पूरे धंधे का बड़ी आसानी से खुलासा हो गया

बताते चलें कि विभाग के तीन बडे अधिकारी पहले से ही आय से अधिक संपत्ति के

मामले में फंसे हुए हैं। इनलोगों के पास लक्जरी कार और आलीशान जिंदगी के

सारे एशोआराम पहले से मौजूद हैं। सरकारी वेतन से यह लाइफ स्टाइल संभव नहीं है,

इसे हर कोई जानता है। इसके बाद भी वे रांची में पदस्थापित क्यों हैं,

और उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती, इस सवाल पर हर कोई चुप्पी साध लेता है।

वैसे नामकुम की घटना के प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि वहां शराब के अवैध कारोबार का धंधा

काफी पुराना है। इसी अड्डे पर अक्सर ही आबकारी विभाग का छापा पड़ता रहता है।

इस बार जब्ती के शराब के अचानक गायब हो जाने से दूसरी कहानी सामने आयी है।

इसी की छान-बीन में यह राज भी खुला है कि कांके रोड सहित कई अन्य इलाकों में हुई

छापामारी के दौरान भी इसी तरह जब्त हुआ माल गायब हो गया है।

बरामद माल का छोटा सा हिस्सा विभाग के खाते में जमा कराया जाता है।

नामकुम के मामले में लोगों की नजर इसलिए भी थी क्योंकि वहां असली के साथ साथ

नकली शराब भी बरामद की गयी थी।

उनके गायब होने के सूत्रों की तलाश में यह राज खुला है कि संबंधित अधिकारी

अपने स्तर पर इसकी कालाबाजारी कर रहे हैं।

आबकारी विभाग के उन अफसरों की पहचान भी सार्वजनिक है

जिन तीन अधिकारियों को खास तौर पर इस गोरखधंधे के लिए पहचाना जा रहा है,

उनके इलाके में जितनी लाईसेंसधारी शराब दुकानें हैं, उनमें यह माल खपाया जाता है।

दुकानदार को भी काफी सस्ते में माल उपलब्ध होने की वजह से वे भी इससे इंकार

नहीं करते क्योंकि इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होती है।

फिलहाल जो माल नामकुम से उठाकर खपाया गया है, वह रातू रोड और हरमू रोड के

इलाके तक पहुंचा है, ऐसा सूत्र बताते हैं।

इसी क्रम में वहां की एक महिला अधिकारी द्वारा हर बार की छापामारी में बरामद

बीयर की बोतलों में से कुछ बोतल अपने घर पहुंचाने का रोचक किस्सा भी जानकारी में आया है।

वैसे सूत्र बताते हैं कि इस धंधे में एक खतरा जाली सामान का है। आम तौर पर विदेशी

शराब की खपत में जानलेवा खतरा तुरंत नहीं होता

लेकिन इसके सेवन से धीरे धीरे आंतरिक अंग नष्ट होने लगते हैं।

इस वजह से ऐसे गोरखधंधे को रोका जाना जरूरी है। इस किस्म की जालसाजी को

प्रोत्साहन देने वाले अधिकारियों को दंडित किये बिना इसे फिलहाल रोक पाना

सरकार के बूते की बात भी नहीं है।



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from अपराधMore posts in अपराध »
More from घोटालाMore posts in घोटाला »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from रांचीMore posts in रांची »

2 Comments

... ... ...
%d bloggers like this: