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झारखंड के पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने कहा चरम सीमा तक भ्रष्टाचार, देखें वीडियो

कुंडहितः झारखंड के पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने कुंडहित में एक प्रेस कॉंफ्रेस कर

बताया कि जामताड़ा जिला मंर प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक चरम सीमा तक भ्रष्टाचार

है। उन्होने कहा की प्रखंड स्तर पर पैसा लेकर योजना की बिक्री होती है। बिना पगड़ी दिए

कोई भी योजना स्वीकृत नही होती है। प्रखंड स्तर पर कोई भी कार्य गलत रुप से होती है।

वीडियो में देखिये उन्होंने क्या कहा

उन्होने कुंडहित प्रखंड अंतर्गत भेलवा पंचायत में हुए मनरेगा तालाब निर्माण कार्य का

उदाहरण देते हुए कहा की यहां तालाब निर्माण में मजदूर के बदले जेसीबी मशीन से काम

लिया जाता है। उन्होने कहा की कुंडहित प्रखंड के बीडिओ एक भ्रष्ट बीडिओ है। कर्मचारी

द्वारा गलत काम करने पर इनका कोई नियंत्रण नही है। श्री बाटुल ने कहा कि वित्तीय

वर्ष 2020-21 में कुंडहित प्रखंड में लगभग 800 पशु शेड की स्वीकृति हुई है जिनमें से

अधिकतर अयोग्य लाभुको को दिया गया है। वैसे लाभुक जिसके घर में एक भी पशु नही हैं

वेसे लोगो को पैसा लेकर पशु शेड का लाभ दिया गया है। एक- एक घर में तीन से चार पशु

शेड बनाया गया है। जिला प्रशासन इसकी जांच करें। अगर जिला प्रशासन इसका जांच

नही करता है तो मैं समझता हूं कि जिला प्रशासन को कुंडहित प्रखंड के पदाधिकारी मोटी

रकम देते है।

झारखंड के पूर्व मंत्री ने हर विभाग का उल्लेख किया

उन्होने वन विभाग और पुलिस विभाग को भी अड़े हाथ लेते हुए कहा की वन विभाग और

पुलिस विभाग के संरक्षण मे लकड़ी माफियाओं द्वारा लकड़ी की कटाई हो रही है लेकिन

वन विभाग और पुलिस विभाग चुप बैठी है। उन्होने कहा की लगातार क्षेत्र में गायों की

तस्करी हो रही है लेकिन माफियाओं को पुलिस को संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा

कि विधायक निधि से प्रत्येक पंचायत में 5-5 चापाकल निर्माण हो रहा है। लेकिन गांव में

जहां जरूरत है वहां नहीं होकर उनके कार्यकर्ता के घर के पास चापाकल हो रहा है। लेकिन

सर्वजनिक हित के लिए होना चाहिए जहां जरूरत है। यहां के विधायक और सरकार चुप

है। सरकार के लोग भ्रष्ट पदाधिकारी से मिले हुए हैं। इसलिए ऐसा कार्य हो रहा है। उन्होंने

कहा कि मनरेगा जांच टीम क्षेत्र में आयी हुई थी। जहां टीम में नाला जेई एई कुंडहित और

कुंडहित प्रखंड के जेई, एई को फतेहपुर प्रखंड में दिया गया। यही लोग गलत काम कर रहे

हैं और यही लोग लुटेरे हैं। और लुटेरे को ही जांच दल में सिर्फ खानापूर्ति के लिए लगाया

गया है उन्होंने डीसी और डीडीसी को कार्यस्थल में आकर जाँच करने के लिए कहा ।

सरकार सच्चाई का पता लगाकर कार्रवाई करे

उन्होंने कहा की सच्चाई का पता लगाइए गरीबों को न्याय दीजिए । उन्होंने बिजली

विभाग में हो रही भ्रष्टाचार के बारे में बताते हुए कहा कि बिजली विभाग में मेन्टेनेन्स के

नाम करोड़ो रुपये का बिल बनाते है। क्या इस समय बिजली विभाग को मेन्टेनेन्स का

काम करना चाहिए। जिस समय लोगो का तपती गर्मी में हालत खराब हो जाती हैं। उन्होने

कहा कि जिस समय 33000 केवी लाइन का काम हो रहा था उस समय घटिया काम हुआ

था। उस समय विभाग सोया हुआ था। अभी मेन्टेनेन्स के नाम पर गर्मी के समय में लोगों

को तबाह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतना भ्रष्टाचार होने के वाबजूद भी यहां की

सरकार के लोग चुप है। हमको लगता है कि सरकार के लोग यहां भ्रष्ट पदाधिकारी के साथ

मिले हुए है। इस घोटालो का जांच होनी चाहिए।

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