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अन्य राज्यों में छूट मिलने के बाद भी यहां अब तक नहीं हुआ फैसला

झारखंड में बसों के संचालन पर गतिरोध जारी
पांच हजारों बसों के संचालन पर विवाद
छूट के बिना संचालन घाटे का सौदा
संवाददाता


रांचीः झारखंड में बसों का परिचालन सामान्य होने की दिशा में गतिरोध अब भी समाप्त

नहीं हो पाया है। दरअसल बस मालिक अन्य राज्यो में इस संबंध में दी गयी शुल्क

भुगतान की छूट का नियम यहां भी लागू करने की मांग लंबे अरसे से करते आ रहे हैं। साथ

ही बसों के संचालन में परिवहन विभाग द्वारा कई अन्य नियमों में भी वे लॉक डाउन के

दौरान हुई बंदी के दौरान नियमों में बदलाव के साथ रोड टैक्स में भुगतान में छूट की मांग

पर सरकार को जानकारी दे चुके हैं। लेकिन अब तक इस दिशा में झारखंड सरकार की

तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया है। इस वजह से बस मालिक वर्तमान भुगतान संबंधी

नियमों के शिथिल होने तक बसों का संचालन प्रारंभ करना नहीं चाहते। समझा जाता है

कि सरकार द्वारा प्रावधान शिथिल कर बसों के परिवहन की छूट का एलान किये जाने के

बाद भी बसों का सड़क पर आना कठिन है। राज्य के करीब पांच हजार बसों के सड़कों पर

नहीं होने की वजह से सार्वजनिक परिवहन पर आश्रित लोगों को अतिरिक्त भुगतान

करना पड़ रहा है। ऐसे में आम जनता की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

अन्य राज्यों की तरह ही रोड टैक्स में छूट मिले

सिंहभूम बस ओनर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने इस बारे में बताया कि

डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन

करना ही बस के संचालन को फायदे से घाटे का कारोबार बना रहा है। ऐसे में अगर सरकार

की तरफ से भुगतान की छूट नहीं दी गयी तो अपने घर से घाटा उठाने के लिए बस मालिक

क्यों उनका संचालन करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को अन्य राज्यो में दी गयी छूट और

बस परिवहन सेवा को दिये गये समर्थन की जानकारी हासिल कर इस राज्य में भी वैसे ही

प्रावधान तुरंत लागू करना चाहिए।


 

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