प्रसून जोशी बनाए गए सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष

पहलाज निहलानी को हटाया गया

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केंद्र सरकार ने सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणन) नियम, 1983 के नियम 3 के साथ सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 (1952 की 37) की धारा 3 की उप-धारा (1) के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए प्रसून जोशी को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया है। श्री जोशी की यह नियुक्‍ति मानद हैसियत से 11 अगस्‍त, 2017 से प्रभावी हो गई है। यह नियुक्‍ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से लेकर अगले तीन वर्षों तक अथवा अगले आदेश तक, इनमें से जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।

फिल्मी दुनिया में गीतकार के तौर पर प्रख्यात प्रसून जोशी का जन्म 16 सितम्बर 1968 को हुआ। वह अच्छे हिन्दी कवि, लेखक, पटकथा लेखक और भारतीय सिनेमा के गीतकार हैं। प्रसून जोशी विज्ञापन जगत की गतिविधियों से भी जुड़े हैं। उनके कुछ विज्ञापनों के पंच ने उन्हें काफी नाम दिलाया। इसके बाद वह फिल्मों में अपने गीत के जरिए लोगों में अपनी जगह बनाने में कामयाब हुए। अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञापन कंपनी ‘मैकऐन इरिक्सन’ में कार्यकारी अध्यक्ष रहे हैं। फ़िल्म ‘तारे ज़मीन पर’ के गाने ‘मां।।।’ के लिए उन्हें ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’ भी मिल चुका है। सरकार ने पहलाज निहलानी के स्थान पर शुक्रवार (11 अगस्त 2017) को प्रसून जोशी को सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष घोषित किया है।

प्रसून जोशी का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के दन्या गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम देवेन्द्र कुमार जोशी और माता का नाम सुषमा जोशी है। उनका बचपन एवं उनकी प्रारम्भिक शिक्षा टिहरी, गोपेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं नरेन्द्रनगर में हुई, जहां उन्होंने एमएससी और उसके बाद एमबीए की पढ़ाई की। गीतकार, पटकथा लेखक और विज्ञापन गुरु प्रसून जोशी का कहना है कि उन्हें ऐसे बोल वाले गीत नहीं भाते, जो अटपटे हों। ऐसे गीत और उसकी धुन सुनकर उनका खून खौल उठता है। प्रसून कहते हैं कि जब मैंने इस प्रकार के गीत और उनके बोल सुने, मेरा खून खौल उठा था। मैं काफी नाखुश और गुस्से से भरा हुआ था। मनोरंजन के लिए आप किसी भी चीज के साथ समझौता नहीं कर सकते।

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