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प्रबंधन से पैकेज डील द्वारा दो एकड़ से कम प्रभावितों को भी नियोजित







बेरमो : प्रबंधन से पैकेज डील द्वारा दो एकड़ से कम प्रभावितों को भी नियोजित नियोजन आदि मांगो को लेकर आगामी 9 दिसंबर से असंगठित मजदूर संघ द्वारा बोकारो जिला के सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र का चक्का जाम आन्दोलन को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय सभागार में प्रबंधन एवं संघ के बीच बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रबंधन द्वारा मुख्यालय से तीन दिन में वार्ता को लेकर एक सप्ताह के लिए आहुत चक्का जाम आन्दोलन को टाल दिया गया। बैठक में कथारा जीएम एम के पंजाबी के अलावा सीसीएल मुख्यालय रांची के महाप्रबंधक (कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध) सहित असंगठित मजदूर संघ के प्रतिनिधि मंडल उपस्थित थे।

आयोजित बैठक में संघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा पांच सूत्री मांगो को रखा गया, जिसमें वर्षों से बेरोजगार निजी सुरक्षा गार्डो की पुन:बहाली करने, स्लरी सेल को मशीनों के बजाए हस्तलदनी द्वारा उठाव का आदेश देने, सीपीपी को पुन: चालू कर स्थानीय बेरोजगारो को रोजगार मुहैया कराने आदि शामिल है।इस अवसर पर मुख्यालय रांची के महाप्रबंधक (कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध) उमेश सिंह ने कहा कि कथारा क्षेत्र में भूमिगत खदानें बंद होने के कारण एक हजार मेन पॉवर सरप्लस है। जबकि सीसीएल में 6000 से अधिक मेन पॉवर सरप्लस है।

ऐसे में कंपनी द्वारा वर्तमान परिस्थिति में निजी तौर पर नियोजन देना संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि पूर्व में कार्यरत कंपनियों द्वारा डिजीआर के तहत निजी सुरक्षा गार्डों में 90/10 की नीति नहीं अपनाया गया। इसलिए उन कंपनियों को कार्य से हटा दिया गया।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में केवल कोल इंडिया द्वारा हीं दो एकड़ भुमि के बदले नियोजन दिया गया है, किसी दूसरी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में नहीं।

प्रबंधन से वार्ता के बाद प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन टला।

प्रबंधन से  साथ हीं पैकेज डील द्वारा दो एकड़ से कम प्रभावितों को भी नियोजित किया गया है।बैठक में झारखंड प्रदेश असंगठित मजदूर इंटक के प्रदेश अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह उर्फ कुट्टू सिंह तथा बोकारो जिला महामंत्री संतोष कुमार आस ने कहा कि सीसीएल द्वारा अबतक क्षेत्र के रैयतों से कुल ढाई हजार एकड़ भुमि अधिग्रहित किया गया।

बदले में उन्हें कौड़ियों के भाव से मुआवजे का भुगतान किया गया साथ हीं प्रदूषण के कारण आसपास के विस्थापित विभिन्न बिमारियों से ग्रसित होकर असमय काल के गाल में समाते चले गये। बदले में प्रबंधन उनके बच्चों को ठेका मजदूर तथा निजी गार्ड के तौर पर रखा, वह भी तीन साल से बंद कर दिया गया है, जो प्रबंधन की सरासर मनमानी को दशार्ता है। युनियन के रीजनल अध्यक्ष मो.इसराफिल उर्फ बबनी ने कहा कि देश की संपत्ति की रक्षा करना सबो की जिम्मेवारी है। ऐसे में कथारा क्षेत्र से आयेदिन हो रही चोरी को रोकना आवश्यक है।

निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा पूर्व में काफी हद तक चोरी की घटना पर अंकुश लगाया जा रहा था। वर्तमान में इस पर रोक नहीं लग रहा है।ऐसे में राष्ट्रहित के लिए निजी सुरक्षा गार्डों की पुन:बहाली ही समस्या समाधान का उपाय है। बैठक में राकोमसं ददई गुट के क्षेत्रीय सचिव वरुण कुमार सिंह तथा वरीय नेता देवतानंद दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के सीएसआर मद की राशि को युपी के वाराणसी में खर्च कर दिया जाता है। यह प्रबंधन की मनमानी है।



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