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इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड बोकारो में 18 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाएगी

  • परियोजना में 15 निविदाकर्ताओं ने रुचि दिखाई

  • नए संयंत्र से प्रति वर्ष 30 एमयू बिजली आयात कम होने की उम्मीद

बोकारो:  इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड (ईएसएल) ने अपनी हरित ऊर्जा पहल के तहत

बोकारो में 18 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट (सौर ऊर्जा संयंत्र) के निर्माण की घोषणा की।

ईएसएल सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना, परिचालन और देखभाल का अनुभव प्राप्त सक्षम

कम्पनियों से अभिरुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित कर चुकी है। सोलर पावर

प्लांट की स्थापना बिल्ड-आॅन-ऑपरेट (बीओओ) आधार पर की जाएगी। प्लांट की

स्थापना के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों से कुल 15 निविदाकर्ताओं ने रुचि दिखाई है।

इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड राज्य में बोकारो जिले के सियालजोरी गांव के निकट 1.5

मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता के इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट का संचालन करती है। कंपनी को

उम्मीद है कि 18 मेगावाट सौर संयंत्र की स्थापना के बाद  प्रति वर्ष 30 एमयू बिजली कम

आयात करना होगा जिससे लागत में भारी बचत होगी।

इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स के प्रयास से पर्यावरण का भी फायदा

इससे सालाना 15,120 टन कार्बनडाइआॅक्साइड के बराबर ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी)

उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलेगी। ईएसएल के सीईओ पंकज मल्हान ने इस बारे में

बताया बिजली उत्पादन के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करना पर्यावरण की

सुरक्षा और लागत में बचत दोनों दृष्टिकोणों से समय की मांग है। हम आगे भी हरित ऊर्जा

स्रोतों की खोज में लगे रहेंगे। नए प्लांट से हमारी बिजली की बढ़ती जरूरतें पूरी होंगी और

इससे लागत में भारी बचत होगी। 18 मेगावाट का यह सोलर पावर प्लांट धरती पर और

छत पर तालमेल के साथ लगेगा। परियोजना के मार्च 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है।

सौर ऊर्जा शुल्क-दर (सेलर टैरिफ) हालांकि रिवर्स ऑक्शन पर निर्भर करेगा पर सौर ऊर्जा

उपयोग करने वाले प्लांट के लिए यह बिजली ग्रिड की तुलना में सस्ती होगी। मैनेजमेंट

स्टडी एण्ड रीसर्च सेंटर बोकारो चेयरमैन शशि भूषण ने कहा यह बेहद खुशी की बात है कि

ईएसएल ज़िले में चंदनकियारी ब्लाॅक के सियालजोरी गांव के नज़दीक 18 मेगावाॅट का

सौर उर्जा संयंत्र स्थापित करने जा रहा है। इस संयत्र के स्थापित होने के बाद, ग्रीन हाउस

गैसों के उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह सौर उर्जा संयंत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

के दृष्टिकोण के अनुरूप हरित उर्जा के विकास को प्रोत्साहित करेगा। यह कंपनी के लिए

बेहतर पर्यावरण प्रबंधन तथा उर्जा लागत प्रबंधन की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास है।


 

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