बालाकोट में 280 मोबाइल सक्रिय होने की पुष्टि तो हुई

बालाकोट में 280 मोबाइल सक्रिय होने की पुष्टि तो हुई
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प्रतिनिधि

नईदिल्लीः बालाकोट हमले पर चल रही राजनीति के बीच

यह जानकारी सामने आयी है कि वहां जब हवाई हमला हुआ

तो वहां 280 मोबाइल काम कर रहे थे।

मोबाइल सर्विलांस की तकनीक के आधार पर इसका दावा किया जा रहा है।

यह सर्विलांस नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन का है।

इसी आंकड़े पर यह दावा किया जा रहा है कि वहां हवाई हमले में

तीन सौ के करीब जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी मारे गये हैं।

इन आतंकवादियों को वहां पर पुलवामा हमले के सफल होने के लिए

आयोजित जश्न में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।

परस्पर विरोधी दावों के बीच इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि

हादसे के बाद उस इलाके पर पाकिस्तान की सेना का पहरा है

और अब तक कोई पत्रकार अथवा आम नागरिक इस इलाके के करीब नहीं फटक पाया है।

हर किस्म के दावे प्रतिदावों के बीच इतने सारे मोबाइल के वहां होने संबंधी सर्विलांस का आंकड़ा भी सूत्रों के हवाला से बाहर आया है।

इसके लिए किसी ने आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है।

खबर के मुताबिर भारतीय खुफिया एजेंसी ने वहां अनेक आतंकवादियों के एकत्रित होने की जानकारी एकत्रित की थी।

इसी सूचना के आधार पर वहां हवाई हमले की योजना बनायी गयी थी।

इस जानकारी के बाद भारतीय वायुसेना के मिराज लड़ाकू विमानों ने जैश के कैंप पर एयर स्ट्राइक की थी।

भारतीय वायुसेना का बालाकोट मिशन पूरी तरह सफल रहा।

इस बात की पुष्टि तो पहले ही हो चुकी है कि जब भारतीय विमानों ने

पाक अधिकृत कश्मीर के इस इलाके में हमला किया था

तो पाकिस्तानी वायुसेना को मामले समझने में विलंब हुआ था।

पाकिस्तानी विमान जब तक वहां आते, भारतीय वायुसेना अपना काम कर वापस जा चुकी थी।

बाद में पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया कि भारतीय हमले में उसके एक खास इलाके के जंगल के कुछ पेड़ और एक कौआ मारा गया है।

लेकिन साथ ही अन्य माध्यमों से यह बात सामने आ गयी कि

दरअसल उस इलाके में एक मदरसा था, जिसका संचालन जैश ए मोहम्मद के हाथों था।

कुछ लोग इसके बारे में यह मानते हैं कि यह पहले शिविर था

लेकिन शिविर को पहले ही जैश ने वहां से हटा लिया था।

लेकिन अब मोबाइल के सक्रिय होने की बात सामने आने के बाद कड़ी जोड़ने का काम चल रहा है।

दरअसल भारतीय विमानों के हमले के बाद वहां पाकिस्तानी सेना के

कई एंबुलेंस तो स्थानीय नागरिकों ने देखे थे।

इसलिए पाकिस्तानी दावे को पूरी तरह सच मान लेने का कोई औचित्य नहीं हैं।

अगर सिर्फ पेड़ ही गिरे थे तो अगले दिन भारतीय सीमा में दो दर्जन

पाकिस्तानी विमानों के प्रवेश कर हमला करने का कोई सामान्य औचित्य नहीं था।

इसी हवाई हमले के बाद हुई कार्रवाई में पाकिस्तानी का एक

एफ 16 विमान भी मार गिराया गया है।

इससे पाकिस्तान के साथ साथ अमेरिका भी भी खूब किरकिरी हुई है।

इस हमले के दौरान जवाबी हमला करने के क्रम में विंग कमांडर अभिनंदन

का विमान भी हादसे का शिकार हो गया था।

जिस वजह से विंग कमांडर पाकिस्तान में गिरफ्तार किये गये थे।

साथ ही एफ 16 का पाइलट भी पाकिस्तानी नागरिकों के हमले में मारा गया था

क्योंकि उसे पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों ने भारतीय पाइलट समझ लिया था।

इस बच पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि कोई औपचारिक घोषणा नहीं होने के

बाद भी दरअसल मसूद अजहर जिंदा है।

लेकिन उसे 26 जनवरी को बाद से बाहर के किसी व्यक्ति ने देखा नहीं हैं।

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