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इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गडकरी को मौखिक आमंत्रण दिया

नयी दिल्लीः इलेक्ट्रिक वाहनों के मुद्दों को और बेहतर तरीके से समझने के लिए सुप्रीम

कोर्ट ने सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने संबंधी मामले की सुनवाई में

सहयोग के लिए केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को वहां आने का मौखिक आमंत्रण

दिया। मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के

दौरान केन्द्र सरकार के वकील से पूछा, ‘‘क्या परिवहन मंत्री आकर हमें इलेक्ट्रिक वाहनों

की तकनीक की योजना की जानकारी दे सकते हैं?’’ न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि इसे

समन नहीं निमंत्रण समझें, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में योजना की साफ तस्वीर

अधिकारियों से ज्यादा स्पष्ट उन्हें होगी। केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि अगर केंद्रीय

मंत्री को शीर्ष अदालत बुलाया जाएगा तो इसका राजनीतिक असर पड़ेगा। इसके बाद

न्यायालय ने श्री गडकरी को शीर्ष अदालत में आमंत्रित करने के लिए फिलहाल लिखित में

कोई आदेश पारित नही किया। शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘हम सरकार को कोई आदेश नहीं दे

रहे, बल्कि हम ये जानना और समझना चाहते है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सरकार के

पास क्या योजना है?’’

इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर मंत्री को ज्यादा जानकारी हो सकती है

न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कई बार बयान

जारी किया है, यदि वह चाहे तो अपने किसी अधिकारी को न्यायालय भेज सकते हैं, जो

इस बारे में न्यायालय को पूरी जानकारी और योजना के बारे में बताये।’’ न्यायालय ने

कहा कि प्रदूषण को लेकर समझौता नही किया जा सकता है। यह मामला न केवल दिल्ली

एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। दो हफ्ते बाद अगली

सुनवाई होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग निरंतर बढ़ने के बीच इससे प्रदूषण कम होने की

दलील दी गयी है। दिल्ली की सरकार ने भी अपनी योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों को

प्राथमिकता दी है। लिहाजा शीर्ष अदालत इस पूरे मामले को गंभीरता से समझना चाह रही

है ताकि फैसला लेने के पहले वह तकनीकी विषयों पर गौर कर सके।

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