लालबत्ती से परहेज कर झारखंड ने पेश की मिसाल

मुख्यमंत्री रघुवर दास, संसदीय कार्यमंत्री सरयू राय और नगर विकास मंत्री सीपी सिंह पहले ही छोड़ चुके हैं लाल बत्ती

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पूरे देश में लालबत्ती कल्चर को खत्म कर इसे एक मई से लागू किया जा रहा है। लेकिन इस राह पर झारखंड एक कदम आगे है। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, संसदीय कार्यमंत्री सरयू राय और नगर विकास मंत्री सीपी सिंह शुरू से ही लालबत्ती न लगाकर मिसाल पेश कर रहे है। रघुवर दास ने मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के बाद से अब तक कभी अपनी गाड़ी में लालबत्ती का प्रयोग नहीं किया है। वे उप मुख्यमंत्री और मंत्री के पद पर भी रहे तो लालबत्ती से परहेज किया। मंत्री सरयू राय न तो लालबत्ती का प्रयोग करते हैं और न ही सुरक्षा दस्ता लेकर चलते हैं। सीपी सिंह भी कुछ ऐसा ही करते हैं। विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए भी उन्होंने कभी लालबत्ती का प्रयोग नहीं किया। राज्य के ये तमाम शीर्ष नेता बिना किसी दबाव के स्वत: ही पूर्व से ऐसा करते रहे हैं।
बता दें कि राज्य में अब तक लालबत्ती का प्रयोग राज्य सरकार के मंत्री, बोर्ड व निगम के अध्यक्ष व जनप्रतिनिधियों (सांसद और विधायक) के अलावा मुख्य न्यायाधीश व मुख्य सचिव करते रहे हैं। अन्य अधिकारी अपनी सरकारी गाडिय़ों में नीली बत्ती का प्रयोग करते हैं। भाजपा शासित राज्य होने के कारण झारखंड में इस फैसले का शत प्रतिशत लागू होना तय है। मुख्यमंत्री सचिवालय सूत्रों की मानें तो अगली कैबिनेट में राज्य सरकार गाडिय़ों की बत्ती हटाने के बाबत प्रस्ताव ला सकती है। झारखंड प्रदेश भाजपा ने केंद्रीय कैबिनेट के उस निर्णय का स्वागत किया है जिसमे केंद्र ने लाल बत्ती के प्रयोग पर बड़ी रोक लगाई है। प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ये जनता की सरकार के द्वारा जनता के हित में लिया गया बड़ा फैसला है। शाहदेव ने कहा कि इस फैसले से विशिष्ट और आम जन के बीच का फासला कम होगा। इस निर्णय से वीआइपी कल्चर और दिखावे पर भी अंकुश लगेगा। मंत्री सरयू राय ने कहा कि यह बेहतर फैसला है। मैंने कभी लालबत्ती या हूटर का इस्तेमाल नहीं किया। जरूरत भी महसूस नहीं होती। केंद्र सरकार का यह फैसला राज्य में भी अंगीकार करना चाहिए। इसके साथ-साथ राज्य सरकार को सुरक्षा नीति भी बनानी चाहिए। यह समीक्षा की जाए कि किसे कितनी सुरक्षा आवश्यक है?
इधर केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय के बाद झारखंड आवास बोर्ड के अध्यक्ष ने भी अपनी गाड़ी से लालबत्ती उतार दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि वे जनता की सेवा के लिए बने हैं। प्रधानमंत्री ने जो निर्णय लिया है, वह स्वागत योग्य है।

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