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चुनाव आयोग ने अंततः कर दिया है उपचुनाव कार्यक्रम का एलान

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  • ममता के लिए भवानीपुर सीट जीतना जरूरी

  • राष्ट्रीय राजनीति में इस चुनाव का महत्व

  • भाजपा विरोधी मोर्चा की पहल से चुनौती

  • नंदीग्राम में चुनाव हार गयी थीं ममता

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः चुनाव आयोग ने भवानीपुर सीट पर उपचुनाव का एलान कर दिया है। आज चुनाव




आयोग की तरफ से पश्चिम बंगाल की तीन सीटों में चुनाव कराने का एलान किया गया है।

इसके अलावा उड़ीसा की एक सीट पर भी चुनाव की घोषणा कर दी गयी है। यह तो पहले से ही

तय है कि अपनी पारंपरिक सीट से ममता बनर्जी चुनाव लड़ेंगी। इस सीट पर ममता बनर्जी के

जीतने के राष्ट्रीय परिणाम होंगे, ऐसा पहले से ही माना जा रहा है। यूं तो भवानीपुर की सीट

को ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट के तौर पर देखा जाता है। पिछली बार उनके नंदीग्राम से

चुनाव लड़ने की वजह से शोभनदेव ने यहां से चुनाव जीता था। लेकिन बाद में तुरंत ही उन्होंने

ममता के लिए यह सीट छोड़ते हुए विधायक पद से इस्तीफा भी दे दिया था। नंदीग्राम के

चुनाव में शुभेंदु अधिकारी के हाथों पराजित होने के बाद ममता ने किसी अन्य् सीट पर चुनाव

लड़ने की बात कही थी लेकिन पार्टी के अन्य नेताओं ने उनकी दलील को खारिज कर दिया

था। इसी वजह से भवानीपुर सीट पर चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कराने के एलान से काफी

पहले से ही तृणमूल कांग्रेस के लोग चुनाव प्रचार में जुट गये थे। बदली हुई परिस्थितियों में

और राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा विरोधी मोर्चा तैयार करने की कोशिशों के बीच ऐसा हो

सकता है कि अन्य गैर भाजपा दल यहां से प्रत्याशी नहीं दें। फिर भी भाजपा की तरफ से यहां

कौन नेता ममता बनर्जी के मुकाबले उतरेगा, इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई हैं। भवानीपुर

सीट पर ममता बनर्जी ने वर्ष 2011 और 2016 में जीत हासिल की थी।

चुनाव आयोग के एलान के पहले से ही ममता का प्रचार प्रारंभ

उसके बाद से ही यह माना जा रहा था कि इस इलाके में फिलहाल किसी अन्य दल का ममता




के खिलाफ चुनाव जीतने की कोई संभावना नहीं है। भवानीपुर सीट के इस चुनाव को जीतना

ममता बनर्जी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण समझा जा रहा है क्योंकि इसके बगैर वह

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रह पायेंगी। 30 सितंबर को होने वाले इस चुनाव

के बारे में चुनाव आयोग ने मतदान की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को पहले ही कई निर्देश

दिये थे। इसके बाद अब चुनाव की तिथि का एलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने देश

भर के 31 सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। आयोग की घोषणा के मुताबिक

पश्चिम बंगाल के शमशेरगंज, जंगीपुर और उड़ीसा की पीपली सीट पर भी चुनाव होगा। इन

सभी सीटों पर मतों की गिनती का काम तीन अक्टूबर को होगी।

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले देश में भाजपा विरोधी दलों को एकजुट करने की कोशिशों

में जुटी ममता बनर्जी के लिए इसी वजह से यह चुनाव महत्वपूर्ण हो गया है। जाहिर है कि इस

चुनाव में भी भाजपा अपनी तरफ से ममता को पछाड़ने के लिए पूरी ताकत लगायेगी ताकि

भाजपा विरोधी मोर्चा की जो नींव ममता ने रखी है, वह ध्वस्त हो जाएगा। दूसरी तरफ भाजपा

विरोधी खेमा यह मान रहा है कि अगर इस सीट पर ममता बनर्जी चुनाव जीत जाती हैं तो

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के तौर पर वह वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले

भाजपा के खिलाफ अन्य विरोधी दलों को एक कर वोटों के विभाजन को रोकने में बड़ी भूमिका

निभा सकती हैं।



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