fbpx Press "Enter" to skip to content

चुनावी माहौल की सरगर्मी में रोहित पांडेय और दीपक भुवानिया ने पर्चा भरा

  • भाजपा का विद्रोही विजय शाह भी मैदान में

  • अश्विनी चौबे के पुत्र उपस्थित हुए नामांकन में

  • भुवानिया के साथ शहर के कई मानिंद भी दिखे

दीपक नौरंगी

भागलपुरः चुनावी माहौल अब भागलपुर में रंग चढ़ा नजर आने लगा है। भाजपा प्रत्याशी

रोहित पांडेय के नामांकन में अर्जित चौबे की मौजूदगी की वजह से भाजपा के अनेक नये

पुराने लोग एक साथ नजर आये। भाजपा के इस तेवर से फिलवक्त तो नजर आता है कि

भाजपा एकजुट है।

वीडियो में देखिये दिन भर की प्रमुख चुनावी गहमागहमी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र और भागलपुर के टिकट के अन्यतम दावेदार रहे अर्चित

चौबे का श्री पांडेय के नामांकन में शामिल होना प्रमुख उपलब्धि है। इसी बहाने आज

नामांकन के दौरान भाजपा के लगभग सभी गुटों के नेता वहां नजर आये। यदि यह

एकजुटता वाकई कायम रही तो निश्चित तौर पर ऐसा माना जा सकता है कि भाजपा

अपने पुराने गढ़ को फिर से जीतने में पूरी ताकत लगाने जा रही है।

दूसरी तरफ जदयू नेता और पूर्व महापौर दीपक भुवानिया के नामांकन में भी उपस्थित

भीड़ से यह स्पष्ट हो गया कि वैश्य समाज का एक फैसला राजनीति में कई किस्म के जोड़

घटाव को करने में सक्षम है। श्री भुवानिया के समर्थन में भी उनके नामांकन के दौरान

काफी संख्या में लोग उपस्थित थे। इससे स्पष्ट है कि पूर्व में भाजपा और जदयू खेमा का

समर्थन करने वाला एक बड़ा मतदाता वर्ग फिलहाल श्री भुवानिया के साथ खड़ा है।

इसी बीच कभी भाजपा के कार्यकर्ता रहे विजय शाह भी बतौर निर्दलीय मैदान में उतर

आये है। वह इसके पहले भी अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित चौबे के खिलाफ चुनाव लड़े थे।

काफी समय से भाजपा से जुड़े होने के बाद भी पिछली बार उनके मैदान में होने का

नुकसान अर्जित चौबे को उठाना पड़ा था। भाजपा खेमा के वोटों के बिखराव की वजह से

कांग्रस के प्रत्याशी अजीत शर्मा चुनाव जीत गये थे। उल्लेखनीय है कि विजय शाह भी

वैश्य समाज से ही आते हैं। इसलिए भाजपा और जदयू की जुगलबंदी के वोटबैंक में वैश्य

समाज का वोट कटने की पूरी आशंका बनी हुई है।

चुनावी माहौल में समीकरणों पर आकलन जारी है

भाजपा प्रत्याशी रोहित पांडेय के समर्थन के मुद्दे पर यह बताया गया कि जब एक बार

प्रत्याशी के नाम का एलान हो जाता है तो पूरी पार्टी एकजुट होकर लड़ती है। इस बार भी

यही समझा जाना चाहिए कि यह चुनाव दरअसल नरेंद्र मोदी लड़ रहे हैं। इसमें रोहित

पांडेय जैसे कार्यकर्ता अपनी भूमिका अदा कर रहे है। इसलिए भाजपा प्रत्याशी के पीछे सारे

समर्थक और कार्यकर्ता खड़े हैं।

दूसरी तरफ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर फिर चुनाव में खड़े होन वाले विजय शाह ने कहा

कि अब वह भाजपा से अपने 32 वर्षों का रिश्ता खत्म कर रहे हैं। इसके बाद वह भागलपुर

की जनता और वैश्य समाज के लिए ही काम करेंगे। बात चीत में उन्होंने एक बहुत बड़ी

बात कह दी कि इस बार भी उन्हें नेतृत्व द्वारा यह बताया गया कि दरअसल भागलपुर का

टिकट किसी खास जाति के लिए तय हैं। इस किस्म का फैसला भी जब भाजपा के अंदर

होने लगे तो और कुछ कहने को बचता नहीं हैं। लिहाजा यह मान रहे हैं कि सभी तरफ की

खेमाबंदी से भागलपुर का चुनाव का तापमान अब धीरे धीरे बढ़ने लगा और जैसे जैसे दिन

बीतेंगे इसमें और गर्मी आने की पूरी संभावना है।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from भागलपुरMore posts in भागलपुर »
More from राजनीतिMore posts in राजनीति »
More from वीडियोMore posts in वीडियो »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!