fbpx Press "Enter" to skip to content

मनी लाउण्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्यवाई, गोरखनाथ भगत केस के छह अभियुक्त पर मुकदमा दर्ज

  • इडी ने मेसर्स एमएसएस एंड हेल्थ केयर आयुर्वेदिक ट्रस्ट के चेयरमैन समेत छह को बनाया आरोपी
  • इडी की विशेष अदालत में 24 अप्रैल को सुनवाई होगी
  • 16 महीने के अंदर चौगुना राशि करने का लालच देने का आरोप

रांची : मनी लाउण्ड्रिंग मामले में ईडी ने मंगलवार को ईडी की विशेष अदालत में गोरखनाथ भगत केस के संबंधित छह

अभियुक्तों पर मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें एक कंपनी मेसर्स एमएसएस एंड हेल्थ केयर आयुर्वेदिक ट्रस्ट भी शामिल

है। बता दें कि ईडी ने मनी लाउंड्रिंग के आरोप में ट्रस्ट के अध्यक्ष के साथ ट्रस्ट के मुख्य सचिव हेमंत सिन्हा, सचिव

संजय कुमार, उपाध्यक्ष राकेश पोद्दार, कोषाध्यक्ष सह संयुक्त सचिव मुकेश पोद्दार को आरोपी बनाया है। इस मामले में

प्राप्त जानकारी के अनुसार केस के विशेष वरीय लोक अभियोजक एसआर दास ने बताया कि गोरखनाथ भगत केस के

छह अभियुक्त पर मुकदमा दर्ज लगभग ढाई करोड़ मनी लाउण्ड्रिंग मामले में मेसर्स एमएसएस एंड हेल्थ केयर

आयुर्वेदिक ट्रस्ट के चेयरमैन गोरखनाथ भागत समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मनी

लाउण्ड्रिंग मामले पर इडी की विशेष अदालत में 24 अप्रैल को सुनवाई होगी। दास ने कहा कि इन आरोपियों पर

निवेशकों को 16 महीने के अंदर चौगुना राशि करने का लालच देकर निर्दोष लोगों से ठगी करने का आरोप है। ईडी ने

एसबीआई के विभिन्न शाखाओं में जमा दो करोड़ 14 लाख 69 हजार 645 रुपए को जब्त कर लिया है। साथ ही, अरगोड़ा

पुलिस द्वारा बरामद नगद 13.35 लाख रुपए भी जब्त कर लिया गया है। ईडी ने मंगलवार को विशेष अदालत में

ईसीआईआर 03/2020 मुकदमा दाखिल किया। इस पर सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख निर्धारित की गयी है।

क्या है पूरा मामला

इडी ने जांच में पाया है कि आरोपियों ने वर्ष 2007 में हरमू हाउसिंग कॉलोनी के एमआईजीए एम पांच में मेसर्स

एमएसएस एंड हेल्थ केयर आयुर्वेदिक ट्रस्ट खोला था। ट्रस्ट के माध्यम से प्रलोभन देकर लोगों को ठगा गया था।

निवेशकों को ठगने के लिए 16 महीने में जमा धन चौगुना करने का लालच दिया गया था। आरोपियों ने तीन हजार डेटेड

चेक एवं 700 रुपए मूल्य का चार कूपन आयुर्वेदिक दवा का दिया था। 16 महीने के बाद कुछ निवेशकों को चार गुना पैसा

वापस किया गया। इससे गरीब निवेशकों के बीच ट्रस्ट की साख बढ़ी और सदस्य बननेवालों की संख्या बढ़ गयी।

लगभग तीन करोड़ रुपए से अधिक कमाने के बाद ट्रस्ट का कार्यालय बंद कर सभी सदस्य अगस्त 2010 में फरार हो

गये। इसके बाद निवेशकों ने अरगोड़ा थाना में 13 अगस्त 2010 को कांड संख्या 281/10 के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई

थी। अरगोड़ा पुलिस किसी भी आरोपी को दबोचने में विफल रही। पुलिस ने सभी को भगोड़ा घोषित करते हुए चार्जशीट

दाखिल कर दी थी। जिसके बाद ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from झारखंडMore posts in झारखंड »

3 Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Open chat