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सरकार ने माना कि शेख हसीना सरकार को अस्थिर करने की साजिश है दंगा




हर क्षतिग्रस्त मकान को तैयार करेगी सरकारः गृह मंत्री
सरकार विरोधी ताकतों की पहचान हो रही है
पीरगंज के मामले में 45 लोग गिरफ्तार हुए
साजिश करने वालों की पहचान होने लगी है
अमीनूल हक

ढाकाः सरकार ने माना है कि अचानक से दुर्गापूजा पंडालों पर जो हमला हुआ वह एक सोची समझी साजिश का हिस्सा था। यह साजिश दरअसल शेख हसीना की सरकार को अस्थिर करने के लिए ही रची गयी थी। अब इस साजिश में शामिल लोगों की एक एक कर पहचान होने लगी है।




रंगपुर के पीरगंज में रविवार की रात को लोगों के घरों में आग लगाने वालों की पहचान हो चुकी है। इसके तहत 45 लोगों को तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया गया है।

देश के गृहमंत्री असादुद्दीन खान जमाल ने कहा कि जिनके मकानों को नुकसान पहुंचा है, सरकार उसकी भरपाई करेगी और मकान बनाकर देगी।

त्वरित राहत के तौर पर पीड़ितों को नकद पैसा के अलावा साड़ी और कपड़ा उपलब्ध कराया गया है। कुमिल्ला के हमले के बाद देश भर में हुए दंगा के आरोप में अब तक करीब एक हजार लोग गिरफ्तार किये जा चुके हैं।

सभी इलाकों में जांच और अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी भी जारी है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति के आदेश से जारी एक अधिसूचना के तहत पीरगंज के एसपी विप्लव कुमार सरकार सहित सात पुलिस अधिकारियों को तबादला कर दिया गया है।

ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों का विरोध में प्रदर्शन

आज ढाका में इसी मुददे पर ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने पूजामंडप, मंदिर और हिंदुओं के घर तोड़े एवं जलाये जाने के विरोध में शाहबाग मोड़ पर प्रदर्शन किया। इनलोगों ने सात सूत्री मांग का ज्ञापन सौंपने के बाद अपना प्रदर्शन समाप्त किया।




इस बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्री डॉ हसन महमूद ने साफ तौर पर कहा कि देश को अस्थिर करने की यह एक साजिश थी। देश का एक खास समूह इसमें शामिल है और कुमिल्ला की घटना को सोशल मीडिया में तेजी से फैलाना भी इसी साजिश का हिस्सा है। इसका मकसद देश के अन्य इलाकों में दंगा फैलाना ही था।

सरकार ने माना कि साजिश के चेहरे सामने आ गये

जिसकी पहले से तैयारी कुछ समूहों के द्वारा की गयी थी। जिसके बारे में सरकार को अब जानकारी हो चुकी है।

देश के नौ परिवहन एवं मुक्तियुद्ध विषयक मंत्रालय के संसदीय कमेटी के अध्यक्ष शजाहान खान ने कहा कि कोई भी सच्चा मुसलमान ऐसा नहीं कर सकता है। देश के लोग जानते हैं कि मंदिर और मसजिद के निर्माण में सरकार अनुदान देती है।

इसलिए यह समझना होगा कि जो लोग बांग्लादेश के मुक्तियुद्ध के समय इस स्वतंत्रता संग्राम के खिलाफ थे, वे फिर से सर उठाना चाहते हैं।

चट्टग्राम रेंज के डीआईजी मोहम्मद अनवर हुसैन ने कुमिल्ला के घटनास्थल का दौरा कर खुद मामले की छानबीन की है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे शामिल समूहों की पहचान हो रही है। शीघ्र ही उन्हें कानून के दायरे में गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा।



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