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दुर्गा मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति का विवाद अब खूनी रंजिश में तब्दील हुआ

  • मंदिर के पुजारी पर रात हुआ जानलेवा हमला

  • थाना से छूट गया छूरेबाजी का नामजद अभियुक्त

  • अस्पताल में पुजारी का आज हुआ ऑपरेशन

  • दुकानों की सौदेबाजी में हो रहा करोड़ों का खेल

संवाददाता

रांचीः दुर्गा मंदिर ट्रस्ट का विवाद अब खूनी दुश्मनी में बदलता नजर आ रहा है। अपर

बाजार के बीच बने इस मंदिर परिसर पर अनेक लोगों को गिद्ध दृष्टि लगी है। इस ट्रस्ट के

तथा मंदिर के पुजारी पर कल रात करीब दस बजे जानलेवा हमला हुआ। इस हमले में

किसी तरह बचकर निकले घायल पुजारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां

उनका आज ऑपरेशन भी किया गया। इस बारे में खुद मंदिर के पुजारी ने कहा कि उन्होंने

हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस में नामजद शिकायत दर्ज करायी है। इस शिकायत

के आधार पर पुलिस कुछ लोगों को पकड़कर थाना ले आयी थी। लेकिन अभियुक्तों को

थाना से बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। वैसे छुरेबाजी की घटना के नामजद

अभियुक्तों को थाना से छोड़ने का मामला अब हिंदूवादी संगठनों के लिए नई नाराजगी का

कारण बनता जा रहा है।

अपडेट रात को मिली जानकारी के मुताबिक इस हमले में शामिल कुछ युवकों को पुलिस ने थाना बुला लिया है। 

दुर्गा मंदिर ट्रस्ट के पुराने भवन पर दुकान बनाकर बेचने की कोशिश काफी लंबे समय से

की जा रही है। बिना ट्रस्ट की अनुमति के वहां कुछ दुकानों का निर्माण कराया गया है

जबकि कुछ इलाकों को तोड़ा गया है। मामले की छानबीन के क्रम में पता चला है कि ट्रस्ट

के अन्य सदस्यों को तरीके तरीके से दबाव देकर इस ट्रस्ट से अलग करने की कार्रवाई लंबे

समय से चली आ रही थी। पुजारी पर चाकू से हमला होने के बाद अब पुराने सदस्य भी

नाराज हुए हैं। दूसरी तरफ शहर के कई अन्य संगठनों के लोगों ने भी अस्पताल में भर्ती

पुजारी का हाल जानने के लिए अपने अपने प्रतिनिधियों को भेजा है।

दुर्गा मंदिर की संपत्ति पर लगी है गिद्ध दृष्टि

अस्पताल में भर्ती पुजारी ने कहा कि रात को जब वह मंदिर बंद कर जा रहे थे तभी पास में

बैठे युवको ने उसके ऊपर पीछे से हमला किया। हमला होने की आहट देखकर वह भागने

लगे। इसी कारण छूरा उनके पीछे लगा। उसके बाद किसी तरह वह दूसरों की मदद से

अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में  आयी पुलिस को भी उन्होंने पूरी घटना की जानकारी और

हमले में शामिल लोगों की जानकारी दे दी थी। इस घटना के बाद आज फिर पुलिस उनका

बयान लेने पहुंची थी। वहां पत्रकार के इस सवाल का उत्तर जांच अधिकारी नहीं दे पाये कि

छुरेबाजी के अभियुक्त को थाना से बिना जमानत के कैसे छोड़ा गया। बाद में वह दरवाजा

बंद कर घायल का फिर से बयान लेने लगे।

मामले की छानबीन में प्रारंभिक तौर पर इस जमीन पर दुकान बनाने और बेचने में करोड़ों

के कारोबार की शिकायत पुराने सदस्यों ने कर दी है। उनलोगों को इस बात की जानकारी

है कि किस व्यापारी से क्या कुछ सौदा किया जा रहा है। इस सौदे के एवज में लोगों से पैसे

भी अग्रिम लिये गये हैं। कुल मिलाकर हिंदू धार्मिक परंपरा के अन्यतम श्रद्धा के इस स्थान

को भी बेचकर मुनाफा कमाने की साजिश में अब अपराध भी होने लगे हैं।


 

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