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लगातार जलकुंभी सफाई के बाद अब काफी इलाके में पानी

  • अब सूरत बदल रही है बड़ा तालाब की
  • तालाब के नीचे बैठी है गहरी गाद
  • काई की वजह से पूरा पानी काला
  • दीर्घकालीन योजना से ही साफ होगा
संवाददाता

रांचीः लगातार जलकुंभी सफाई का काम जारी रहने की वजह से अब बड़ा तालाब कुछ कुछ

तालाब जैसा दिखने लगा है। इस तालाब के दक्षिण और पश्चिमी छोर पर पानी नजर आने

लगा है। दरअसल उत्तर पश्चिम के छोर पर ही जेसीबी लगाकर जलकुंभी निकालने का

काम चल रहा है। तालाब के अंदर से दस मछुआरे जलकुंभी को ढकेलकर उस छोर तक

पहुंचा रहे हैं। वहां से जेसीबी मशीन उन्हें निकालकर ट्रैक्टरों में लोड कर रही है। प्रारंभिक

दिनों में यह काम थोड़ा धीरे हो रहा था। अब लगातार काफी दिनों तक काम होने के बाद

यह माना जा सकता है कि बड़ा तालाब से करीब एक चौथाई जलकुंभी कम हो चुकी है।

मेयर की घोषणा के मुताबिक पूरा तालाब साफ होने तक यह अभियान लगातार जारी

रहेगा। लेकिन फिर भी यह स्पष्ट है कि जलकुंभी निकाल दिये जाने के बाद भी तालाब का

पानी साफ होने की कोई योजना फिलहाल नहीं बनी है। साथ ही कई दशकों से तालाब के

नीचे गाद जमा होने की वजह से उसकी गहराई भी काफी कम हो चुकी है। इसके पहले भी

विशेषज्ञों ने इस तालाब और उसके पानी की जांच करने के बाद उसके लिए दीर्घकालीन

योजना बनाकर काम करने की बात कही थी। उन विशेषज्ञों के मुताबिक तालाब को नये

सिरे से जीवित करने के लिए उसके नीचे बैठी काई को निकालना जरूरी है। यह काम सिर्फ

ड्रेजिंग के जरिए ही हो सकता है। अनुमान है कि तालाब की निचली सतह पर कमसे कम

दस फीट गाद जमी हुई है। जिन्हें निकालने में भी काफी वक्त लगेगा। इस गंदगी और

बाहरी नालों से आने वाले गंदे जल के प्रवाह की वजह से तालाब में काई भी प्रचुर मात्रा में

है।

लगातार जलकुंभी सफाई के बाद भी आधुनिक तकनीक जरूरी

इसी वजह से यहां का पानी अब काला नजर आता है। इस काम को भी साफ करने में

समय लगेगा। विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि एक बार काई साफ किये जाने से ही

इस समस्या का समाधान नहीं होगा। वहां का पानी बिल्कुल साफ रहे इसके लिए तालाब

के पानी की सफाई का काम सालों भर चलते रहना चाहिए। इसलिए जलकुंभी मुक्त होने

के बाद भी बड़ा तालाब के सुंदरीकरण की राह में अभी और रोड़े पड़े हुए नजर आ रहे हैं।


 

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