डॉ भारती कश्यप को तीसरी बार राष्ट्रीय आई.एम.ए. का पुरस्कार

डॉ भारती कश्यप को तीसरी बार राष्ट्रीय आई.एम.ए. का पुरस्कार
  • “महिला सशक्तिकरण सम्मान” से सम्मानित

  • 2017 में “डॉक्टर ऑफ़ द ईयर”

  • 2014 में “मेड एचीवर” अवार्ड से

राँची : डॉ भारती कश्यप को आज नई दिल्ली के आई.एम.ए. हाऊस में ‘वुमन एम्पावरमेण्ट अवार्ड’ से नवाजा गया।



उन्हें यह सम्मान डॉ जयश्रीबेन मेहता, अध्यक्ष, एम.सी.आई. और डॉ रवि वानखेडकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आई.एम.ए. के द्वारा प्रदान किया गया।

डॉ भारती कश्यप को यह सम्मान झारखंड में नारियों के उत्थान के लिए किये गये

उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।

उन्होंने झारखंड की जनजातीय तथा आदिम जनजातीय महिलाओं तथा बच्चों के लिए न सिर्फ

नेत्र चिकित्सा के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए निरन्तर कार्य किया है,

बल्कि उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में नेतृत्वकर्ता की भूमिका भी निभायी है।

यही नहीं, उनके द्वारा झारखंड में चलाये गये सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन अभियान को

व्यापक सराहना और समर्थन मिला है।

उनकी इन्ही सामाजिक सरोकारों से जुड़ कर किए गये कार्यों के फलस्वरूप

नेशनल आई.एम.ए. वर्ष 2017 में “डॉक्टर ऑफ़ द ईयर” एवं वर्ष 2014 में

“मेड एचीवर” अवार्ड से उन्हें सम्मानित कर चुका है।

इस समारोह में डॉ एरिका पटेल, डॉ. जैस्मीन कौर दहिया, डॉ. नीलम मिश्रा,

डॉ नीलम मोहन, डॉ. राजेश्वरी अम्मा एस.के. और डॉ स्वाती भवे को भी सम्मानित किया गया।

डॉ. रवि वानखेडकर, राष्ट्रिय अध्यक्ष, आई.एम.ए.ने समारोह में बताया कि

उनका मुख्य फोकस यंग मेडिकल स्टूडेंट्स और महिला डॉक्टर्स को सशक्त करने पर है।

वीमेन डॉक्टर्स विंग को सशक्त बनाये विना हम सशक्तआई.एम.ए.की परिकल्पना नहीं कर सकते।

डॉ भारती कश्यप नरेंद्री मोदी की चाय पे चर्चा में भी शामिल हुई थीं

बताते चलें कि डॉ भारती कश्यप को विगत मार्च 2018 में भारत के राष्ट्रपति महोदय

द्वारा वर्ष 2017 का ‘नारी शक्ति सम्मान’ प्रदान किया गया है।

वर्ष 2014 अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉ. भारती कश्यप को माननीय मोदी जी के कार्यक्रम

“चाय पर चर्चा” में सम्मिलित किया था।

इस कार्यक्रम में पूरे देश से 6 महिलाओं को आमंत्रित किया गया था।

इसके अलावा उन्हें कई अंतराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं।

22 से 26 सितम्बर, 2018 तक आयोजित यूरोपियन सोसाइटी ऑफ़ कैटरेक्ट एंड रेफ्राक्टिव सर्जरी

(ESCRS) की वार्षिक कांफ्रेंस के दौरान 24 सितम्बर, 2018 को वियना, आस्ट्रिया में आयोजित

समारोह में प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ भारती कश्यप को “ब्रिटिश ओफ्थाल्मिक एक्सीलेंस अवार्ड” के द्वारा सम्मानित किया गया।

वर्ष 2017 में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ़ कैटरेक्ट एंड रेफेरेक्टिव सर्जरी फाउंडेशन के द्वारा डॉ. भारती कश्यप को सम्मानित किया गया।

डॉ भारती कश्यप को सारे सम्मान झारखंड के दूरस्थ इलाकों में किये काम की वजह से मिला है

यह दोनों अंतराष्ट्रीय सम्मान उन्हें झारखंड के दूरदराज एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले

जनजातीय, आदिवासी, गरीब लोगों एवं बच्चों के लिए निःशुल्क नेत्र चिकित्सा

एवं ऑपरेशन शिविरों के आयोजनों के फलस्वरूप उन्हें इस सम्मान से समानित किया गया।

विगत 18 अप्रैल, 2018 को अमेरिकी संस्था सर्विस बियॉन्ड बॉर्डर के द्वारा

डॉ. भारती कश्यप को महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एवं एनीमिया की रोकथाम के लिए

पूरे झारखंड में खास करके जनजातिय क्षेत्रों में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों के

फलस्वरूप अमेरिका के वाशिंगटन डी.सी. में अंतराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया था।

डॉ भारती कश्यप गरीबों की मजबूरी और जरूरतों पर ध्यान देती हैं

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि झारखंड से आयीं डॉ भारती कश्यप ने संयुक्त झारखंड-बिहार में कश्यप मेमोरियल आई हास्पिटल तथा कश्यप मेमोरियल आई बैंक के बैनर तले अपने चिकित्सीय जीवन की शुरुआत की थी।

अस्पताल में आनेवाले मरीजों के हालात और उनकी मजबूरियों को करीब से देखने के बाद उनके अन्दर अपने काम को सामाजिक सरोकार से जोड़ने की ईच्छा जगी।

खास कर सुदूर बसने वाले आदिम जाति और आदिवासी जातियों को अंधत्व का शिकार होते देखकर इनके हृदय में संवेदना प्रबल होती गयी और इन्होंने निःशुल्क आई कैम्पों का शुभारम्भ किया।

फिर तो कैम्पों में नेत्रों की जाँच और कश्यप मेमोरियल आई हास्पिटल में लाकर बच्चों एवं बुजुर्गों का ऑपरेशन, चश्मे का वितरण आदि का एक सिलसिला सा चल निकला जो वर्षों से आज भी जारी है।

सारण्डा, पलामू, खूंटी, लातेहार, गढ़वा, संथालपरगना, राँची आदि कई जिलों के सैकड़ों गांवों के लाखों लोगों को दृष्टि का अमूल्य उपहार देने में डॉ भारती कश्यप अग्रणी रही हैं।

मोतियाबिंद से ग्रसित बच्चों, चश्में की जरुरत वाले स्कूली छात्र एवं ट्रक ड्राईवर जैसे नेत्र के उपयोग से जीवन-यापन करनेवाले लोगों के लिए आपने जो काम किया है वह निश्चय ही पुरस्कार के योग्य रहा है।

नेत्रदान के प्रति जागरूकता लाने के लिए वर्ष 2005 से प्रति वर्ष लगातार राष्ट्रिय नेत्रदान पखवाड़ा में “रन फॉर विज़न” जैसे कार्यक्रम का आयोजन करते आ रही हैं।

ज्ञातव्य हो सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में प्री-कैंसर के स्टेज में वर्षों तक रहता है और इसी स्टेज में इलाज करने पर यह पूरी तरह ठीक हो जाता है।

इसके अलावा शिविरों में हीजननांग संबंधित इन्फेक्शन के उपचार के लिए किट-2 और किट-6 की गोलियाँ मुफ्त बांटी जा रही है।



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