fbpx Press "Enter" to skip to content

अवैध कोयले से गुलजार हो रहें हैं दर्जनों चिमनी और सैकड़ों बंगला ईट भट्ठा




चितरपुर: अवैध कोयले से गुलजार हो रहें हैं दर्जनों चिमनी और सैकड़ों बंगला ईट भट्ठा

रामगढ़ जिले के रजरप्पा, गोला,बरलंगा थाना क्षेत्र में तो वैसे ईट पकाने का काम लगातार

होता रहा है। चिमनी के साथ-साथ ग्रामीण लोग अपना घरबनाने के लिए जहाँ तहाँ एक दो

बंगला भट्ठा लगाते थे। पर इनदिनों स्थिति एकदम अलग है। ऐसा लगता है जैसे चिमनीमें

अवैध कोयला खपाने वाले लोगों का रुख बंगला भट्ठों की ओर मुड़ गया है।

यही कारण है की वर्तमान में क्षेत्र मेंसुनियोजित ढंग से सैकड़ों बंगला भट्ठा संचालित हो

रहा है, जिसमे टन कोयले की खपत होती है। इसमें दुलमी प्रखंड केविभिन्न जगहों में

आपको भारी संख्या में एक के बाद एक बांग्ला भट्ठा संचालित है।

इधर चितरपुर और गोला प्रखंड क्षेत्रमें भी यही स्तिथि है। एक-एक भट्ठों में पहुँचता है

अवैध कोयलों का खेप,अब आपके मन में ये बात जरूर आ रहा होगाकी आखिर ये क्या

बात हुई क्या लोग ईंट नही बना सकते। जी हाँ जरूर बना सकते है पर देखने वाली बात ये

है की इतनेसंख्या में चल रहे भट्ठों में एक भी जगह एक नंबर कोयले का उपयोग नही होता

है तो फिर आखिर इन्हें ईंट पकाने केलिए कोयले की उपलब्धता कहाँ से और कैसे संभव हो

रहा है।

 अवैध कोयले की निकासी इन क्षेत्रों में

क्षेत्र से और उसके आसपास अवैध खदानों से कोयला की निकासी कार साइकिल अथवा

बाइक के माध्यम से कोयला लेजाया जाता है। लोगों ने एक नया तरीका भी अपनाया है,

जिसमें कोयला ले जाने के क्रम में कोयले को कपड़े से ढकदिया जाता है, जिससे आपको

नहीं लगेगा कि इसमें कोयला ले जाया जा रहा है। इन बाइको का नहीं है कोई रजिस्ट्रेशन

पुलिस द्वारा कई बार कोयला ले जाते हुए बाइक के पकड़े जाने के बाद जांच में पता चला

है कि इन बाइक का कोईरजिस्ट्रेशन नहीं होता है। कई जगह से चोरी किया हुआ भी भाई

को भी इस काम में लगाया जाता है। परंतु सड़कों परबाइक जांच के दौरान तीन बाइकों का

पकड़ा जाना कम होता है। क्योंकि यह बाइक ग्रामीण विभिन्न मार्गों से होकरगंतव्य

स्थान तक पहुंचता है। इधर पुलिस की अगर मानें,तो गैस से पकाए जा रहें है भट्ठों में

ईंट,अवैध कोयला के खेलपर नकेल कसने की बातें कई बार सामने आते रहता है और कई

थाना क्षेत्रों से ये दावे किए जाते हैं की हमारे यहाँ अवैधकोयले व कारोबारियों पर कोई

समझौता नही किया जाता है। इस कारण इनके क्षेत्रों में अवैध कोयला का कारोबार पूर्णतः

बंद है। अगर आप इन सभी दावों को सच मानेंगे तो ऐसा सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा की

अवैध कोयला अगर बंद ही है तो रजरप्पा,गोला,बरलंगा थाना क्षेत्र के दर्जनों चिमनी और

बांग्ला भट्ठों में इनदिनों सभी ईंट गैस से पकाए जा रहें हैं।



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from अपराधMore posts in अपराध »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from रामगढ़More posts in रामगढ़ »
More from व्यापारMore posts in व्यापार »

Be First to Comment

... ... ...
%d bloggers like this: