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महाभियोग की चर्चा के बीच ट्रंप ने सुलेमानी की मौत की विवरण बताया

पॉल्म विचः महाभियोग की गंभीर चर्चा और सीनेट में बहस प्रारंभ

होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मेजर जनरल

सुलेमानी की मौत कैसे हुई, इसका विस्तृत विवरण दिया है। अपने

नाटकीय अंदाज में अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बताने से परहेज नहीं

किया कि इस हमले की अनुमति उन्होंने दी थी और हमले की

घटनाओं पर वह लगातार दे रहे थे। जब ईरानी जनरल पर हमला हो

रहा था तो वह व्हाइट हाउस के नियंत्रण कक्ष में मौजूद थे। महाभियोग

की प्रक्रिया प्रारंभ होने के बीच उनके इस बयान को राजनीतिक

जानकर ध्यान भटकाने और अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने

पक्ष में माहौल बनाने की एक कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। लोगों का

मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का इस बारे में इस तरीके से बयान

देना दरअसल अपनी लोकप्रियता को संवारने की कोशिशों के अलावा

कुछ भी नहीं है। वरना आम तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को इन तमाम

घटनाओ की जानकारी होती है लेकिन वे इसके बारे में विस्तार से कभी

चर्चा नहीं करते क्योंकि यह राष्ट्रीय रक्षा और विदेश नीति से जुड़ा हुआ

विषय होता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगामी चुनाव में रिपल्बिक

पार्टी के लिए कोष एकत्रित करने के लिए आयोजित एक सभा में इस

बारे में चर्चा की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताया कि कैसे

एक अमेरिकी ड्रोन के हमले से ईरान का मेजर जनरल कासिम

सुलेमानी मारा गया। वैसे जिस सभा में ट्रंप ने यह बात कही, उसमें

पत्रकारों का प्रवेश वर्जित था। इसके बाद भी अन्य माध्यमों से ट्रंप के

भाषण का ऑडियो सार्वजनिक हो चुका है।

महाभियोग के बीच ही दस मिलियन चंदा जुटाया

इस जनसभा के माध्यम से ट्रंप ने दस मिलियन डॉलर का चंदा एकत्रित किया है। ट्रंप का यह वीडियो सार्वजनिक होने के बाद राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से इस

बारे में कोई प्रतिक्रिया अब तक नहीं दी गयी है। याद रहे कि गत 3

जनवरी को अमेरिकी हमले में ईरान के इस जनरल की मौत हुई है।

इसके बारे में अमेरिका का दावा है कि यह ईरानी जनरल दरअसल

आतंकवादियों की मदद कर रहा था और सैकड़ों लोगों की हत्या के लिए

जिम्मेदार था। इस घटना के बार में डोनाल्ड ट्रंप ने हर पल उन्हें दी जा

रही जानकारी का भी सार्वजनिक उल्लेख किया और कहा कि अंतिम

समय में उन्होंने अचानक एक तेज धमाका सुना। इसके बाद उन्हें

सूचना देने वाले अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि लक्ष्य हासिल किया

जा चुका है। जिसे निशाना बनाया गया था, वह मारा जा चुका है।

महाभियोग की कार्रवाई के बीच ट्रंप के इस बयान की अनेक

राजनेताओं ने आलोचना की है। सभी का मानना है कि अमेरिकी सैन्य

कार्रवाई के बारे में इस तरीके से सार्वजनिक बयान किसी अमेरिकी

राष्ट्रपति के द्वारा नहीं दिया जाता है। खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति के

बयान की इस वजह से भी आलोचना हो रही है कि एक तरफ तो वह

महाभियोग के आरोपों से घिरे हैं, दूसरी तरफ जिसे आतंकवादी

बताकर मार रहे हैं, उसके आतंकवादी होने के बारे में कोई सबूत नहीं दे

रहे हैं।

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