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केरेडारी टंडवा की गेरुआ नदी पर बना डायवर्सन तीसरी बार बहा

कर्णपुरा : केरेडारी टंडवा प्रखंड के लाइफ लाइन कहे जाने वाले गेरुआ नदी पर बना

डायवर्सन एक बार फिर रविवार की शाम हुई जोरदार बारिश के पानी में बह जाने से चार

जिला को आवागमन बाधित हुआ है। हजारीबाग ,रांची ,चतरा, कोडरमा ,चारों जिला आने

जाने से संपर्क टूट जाने से यह डायवर्सन अठारह जून को भी नदी का जल स्तर बढ़ने से

बह गया था। दो माह के भीतर इस डायवर्सन तीन बार बह जाने से विभागीय कार्य प्रणाली

पर प्रश्न खड़ा कर दिया है। डायवर्सन के बह जाने से इस रास्ते पर वाहनों का आवागमन

बंद हो गया है। कुछ चालक जान जोखिम में डालकर टूटे गेरुआ पुल के नीचे से अपने

वाहनों को नदी से पार कर रहे हैं। लाइफ लाइन गेरुआ पुल पर क्षमता से अधिक लोड

ट्रक,हाइवा मालवाहक वाहनों के आवागमन से पुल वर्षो से जर्जर था। बीते 13मार्च की

सुबह एक सिंहवाहनी बस और एक मोटरसाइकिल के गुजरने के दौरान पुल का एक बड़ा

हिस्सा धंस कर मोटरसाइकिल के साथ नीचे लटक गया। इसके बाद इस पुल से वाहनों का

आवागमन पुरी तरह से बंद हो गया था। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्थानीय विधायक

किशुन कुमार दास के पहल पर एनटीपीसी और सीसीएल ने कच्चा डायवर्सन बना कर

आवागमन शुरू हुआ था। 13मार्च को बहे डायवर्सन को तकनीकी मापदंडों को नजरअंदाज

कर जैसे तैसे बनाकर एनटीपीसी और सीसीएल ने अपनी जिम्मेवारी खत्म मानकर बैठ

गया।

केरेडारी टंडवा की इस नदी पर जैसे तैसे काम पूरा किया कंपनी ने

बताया जाता है कि डायवर्सन बनाने के समय कम्पनी के अधिकारियों ने एक बार फिर

बारिश के दौरान नदी के जल बहाव की क्षमता को ध्यान में नहीं रखा। मात्र एक ह्युम

पाईप डालकर डायवर्सन का निर्माण कर दिया गया। परिणाम हुआ कि जिन कारणों से दो

बार पूर्व डायवर्सन बहा था एक बार फिर उसी कारण से रविवार की शाम डायवर्सन बह

गया। प्रखंड के आसपास के क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई जिससे नदी में बारिश का पानी पूरी

रफ्तार से बहने लगा। डायवर्सन कच्चा होने और पर्याप्त मात्रा में ह्युम पाईप नहीं होने के

कारण कच्चा डायवर्सन पानी का दबाब नहीं झेल पाया और बह गया। बताते चलें कि 13

मार्च को हुई बेमौसम झमाझम बारिश में गेरूआ नदी पर बना पुल ध्वस्त हो गया था। पुल

निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू होती, उसी बीच कोरोना के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन हो

गया। स्थानीय विधायक किशुन दास पुल निर्माण के लिए मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके

हैं। लेकिन पुल निर्माण की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हुई। पथ प्रमंडल ने कच्चा डायवर्सन

निर्माण के लिए निविदा निकाला। लेकिन संवेदकों रूची नहीं दिखाई। विधायक के पहल

पर एनटीपीसी व सीसीएल के सहयोग से वैकल्पिक के रूप डायवर्सन का निर्माण कराया

गया। लेकिन बारिश की भेंट चढ़ती जा रही है।

रूट बदल कर वाहनों का हो रहा है आवागमन

डायवर्सन बह जाने के बाद इस पथ पर चलने वाले हल्के वाहन,राहगीरों पन्द्रह किलोमीटर

रूट बदल कर गंतव्य तक आ जा रहे हैं। बताया जाता है कि फिलहाल हल्के वाहन

मोटरसाइकिल राहगीरों टंडवा शहीद चौक होते गाडिलोंग सरादु के हेचाबलिया नया पुल

होते आम्रपाली के कुमडांग उडशु मोड़ निकल रहे है। प्रशासन जन प्रतिनिधि के लापरवाही

से दो साल से क्षतिग्रस्त था। ना इसमें प्रशासन ना प्रतिनिधि क्या ध्यान जब पुल बारिश

में टूट गया तब दोनों का ध्यान सड़क पर गया है अभी दो राज्य झरखड़ बिहार जिले का

संपर्क टूट जाने से आवागमन ठप हो गया है। जनता को बहुत परेशानियां उठाना पड़ रहा

है इसका देखने के लिए प्रशासन जनप्रतिनिधि दर्शन मुख दर्शक बनकर एक दूसरे को

एनटीपीसी की तरफ इशारा कर रहे हैं जनता को आने जाने के लिए जल्दी व्यवस्था बनाने

को।


 

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