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वरुण गांधी के भी तृणमूल में योगदान की चर्चा जोरों पर




  • राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः वरुण गांधी इनदिनों भाजपा में हाशिये पर हैं। इसी तरह उनकी मां मेनका गांधी को भी




भाजपा नेतृत्व ने हाशिये पर धकेल रखा है। किसान आंदोलन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के

फैसले की स्पष्ट आलोचना कर वरुण गांधी ने यह साफ कर दिया था कि वह घुटना टेकने नहीं जा

रहे हैं। पार्टी के अन्य नेताओं ने किसान आंदोलन पर दूसरी राय रखने के बाद भी उसे जाहिर करने

का साहस नहीं किया था। एकमात्र सत्यपाल मलिक ही ऐसे नेता हैं, जो लगातार किसानों के समर्थन

में खड़े रहे थे। अब चर्चा है कि पार्टी में अपनी स्थिति को देखते हुए वरुण गांधी शीघ्र ही तृणमूल

कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। दिल्ली दौर पर गयी ममता बनर्जी के साथ शायद उनकी इस बार

मुलाकात भी हो सकती है। वैसे औपचारिक तौर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री अपने दिल्ली दौरे

में प्रधानमंत्री से राज्य की मांगों और बकाया जीएसटी के मुद्दे पर बात करने आ रही है। इसके पहले

ही यह चर्चा तेज हो गयी है कि पार्टी को भाजपा के मुकाबले राष्ट्रीय स्तर पर और बड़ा करने की

चाल के तहत ममता बनर्जी अन्य दलों में उपेक्षित पड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ना चाहती हैं। वैसे

अपने इस दौरे में वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलेंगी। समझा जाता है कि ममता ने




फिर से भाजपा के खिलाफ 2024 के चुनाव में एक साझा मोर्चा तैयार करने की कोशिशों को छोड़ा

नहीं है। इसी क्रम में वह दिल्ली में वरुण गांधी से भी मिल सकती हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले

भी असम और गोवा के कई प्रमुख नेता टीएमसी में शामिल हो चुके हैं।

वरुण गांधी के अलावा कीर्ति आजाद की भी सूचना है

दूसरी तरफ यह सूचना भी सार्वजनिक हुई है कि कांग्रेस के पूर्व सांसद कीर्ति आजाद भी पार्टी के रवैये

से दुखी होकर टीएमसी का दामन थाम सकते हैं। इससे पूर्व भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो और मुकुल

राय जैसे कद्दावर नेता भी भाजपा छोड़कर टीएमसी में योगदान कर चुके हैं। दूसरी तरफ त्रिपुरा में

टीएमसी ने सत्तारूढ़ भाजपा को परेशान कर दिया है। जहां लगातार खेला होबे का नारा सुनाई देने

लगा है। पश्चिम बंगाल में भी अनेक भाजपा विधायक और नेता दोबारा से टीएमसी में लौट आये हैं।

वैसे वरुण गांधी के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा के बारे में दोनों ही तरफ से कोई

औपचारिक बयान जारी नहीं का गया है। यह भी तय नहीं है कि ममता बनर्जी और वरुण गांधी की

यह मुलाकात कम होगी।



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