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अगले साल का चुनाव जीतना भाजपा के लिए हुआ मुश्किल




  • पार्टी के पांचों किलों पर अब महंगाई की सेंध लग चुकी
     
  • इज्जत के सवाल पर मोदी, शाह और जेपी नड्डा परेशान
     
  • प्रधानमंत्री ने आगामी चुनावों के लिए किए रणनीतिक बदलाव
     
  • मणिपुर के सीएम बोले 2022 में बीजेपी को मिलेगा बड़ी जीत
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : अगले साल का चुनाव अब पेट्रोल, डीजल और मंहगाई के सवाल पर भाजपा को




संकट में डाल सकता है। अब पूरे देश में पेट्रोल और डीजल समेत जरूरी वस्तुओं के दाम

महंगे होते जा रहे हैं। महंगाई के कारण देश की गरीब जनता त्राहि-त्राहि करने लगी है। यही

वजह है भाजपा सरकार देश के जनता के लिए अविश्वासी हो गई है। इसके साथ ही

आगामी पांच राज्यों के चुनावों में भाजपा के सामने बड़ी चुनौती है। साल 2022 चुनावी

साल है। देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में देश की दो प्रमुख पार्टियों

भाजपा और कांग्रेस के लिए सभी पांच राज्य अहम हैं। जिस तरह से देखा जा रहा है कि

कांग्रेस पार्टी चुनावी राज्यों में अंतर्कलह से जूझ रही है। लेकिन, भाजपा में भी हालात ठीक

नहीं है। चुनावी राज्यों में भाजपा कई परेशानी का सामना कर रही है। मणिपुर की बात करें

तो यहां भाजपा शासन कर रही है लेकिन राज्य इकाई में गंभीर अंदरूनी कलह चल रहे हैं।

गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगा लीजिए कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को दो

दिवसीय दौरे पर मणिपुर जाना पड़ा। भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्तरप्रदेश का

लखीमपुर खीरी बड़ी चिंता है। जिस तरह 3 अक्टूबर को लखीमपुर में किसानों की मौत के

बाद बवाल ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां लखीमपुर

को छोड़ने के मूड में नहीं है। ऐसे में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए ये बड़ी

परेशानी साबित हो सकती है। वहीं, पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ राज्यों में कांग्रेस के माथे

पर शिकन है। आइए, राज्यवार जानते हैं कि विधानसभा चुनाव में कौन-कौन से मुद्दे हैं जो

भाजपा और कांग्रेस को परेशान कर सकते हैं।

अगले साल का चुनाव यूपी में भी अग्निपरीक्षा

भाजपा के एक उच्च स्तरीय सूत्र ने कहा कि यह मोदी, शाह और जेपी नड्डा के सम्मान

का सवाल है। इस वजह से भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व इस चुनाव को जीतने के लिए किसी

भी तरह से तमाम रणनीतिक बदलाव की कोशिश कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी के

महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने आज कहा कि आखिरकार प्रधानमंत्री को विश्वास है

कि भाजपा विपक्षी दल के बीच बड़े विभाजन के साथ 4 राज्यों में होने वाले चुनाव 2022 में

जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि अगले साल फरवरी-मार्च में 5 राज्यों उत्तरप्रदेश,

उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब को छोड़कर




अन्य 4 राज्यों में बीजेपी सत्ता में है। ऐसे में बीजेपी की यह कोशिश रहेगी की इन चारों

राज्यों में पिछली बार से बेहतर परिणाम के साथ फिर से सत्ता में आए। इसके साथ ही

बीजेपी पंजाब में अपनी स्थिति को भी मजबूत करना चाहेगी। इसके लिए मीटिंग और

रणनीति बनाने का समय शुरू हो चुका है। इन पांचों राज्यों में एक बेहतर चुनावी ढांचा

तैयार करने और बेहतर परिणाम के साथ फिर से सत्ता में आने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र

मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कुछ रणनीतिक

बदलाव भी किए हैं।

चुनाव के लिहाज से क्या हो रहे हैं बदलाव पार्टी में

आइए एक नज़र डालते है बीजेपी द्वारा किए गए कुछ महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलावों पर।

युवा और महिला मोर्चा की महत्वपूर्ण भूमिका बीजेपी के द्वारा किए गए रणनीतिक

बदलाव में आगामी 5 राज्यों में चुनावों के लिए युवा और महिला मोर्चा की महत्वपूर्ण

भूमिका होगीगा। युवा मोर्चा सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही योजनाएं जैसे

रोजगार योजना, शिक्षा योजना और अन्य नीतियों और कामों की युवा वर्ग को जानकारी

देगागा। वहीं महिला मोर्चा सरकार की महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं और

किए जा रहे कामों की जानकारी महिलाओं को देगा।मणिपुर में अगले साल फरवरी-मार्च

में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में बीजेपी ने चुनावों को लेकर कमर कस ली है। वहीं

राज्य के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि इस बार के चुनाव में भी बाजेपी सत्ता बरकरार

रखेगी। दरअसल,सीएम ने कहा कि पार्टी को लोगों के बढ़ते समर्थन को देखते हुए इस बार

के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने का विश्वास है। इस संवाददाता के साथ

बात करते हुए सीएम ने कहा, हवा की दिशा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूर्ण

बहुमत का संकेत दे रही है। समारोह में बीजेपी ने पूर्व विधायक सपम कुंजकेश्वर सिंह उर्फ

केबा, पूर्व यूसीएम अध्यक्ष युमनाम नबचंद्र सहित अन्य का पार्टी में स्वागत किया।

उन्होंने दावा किया कि बीजेपी पहले देश के साथ काम करने वाली पार्टी है और यह दिन-ब-

दिन राज्य में अपनी ताकत बढ़ा रही है। इसके बाद बीरेन सिंह ने हाल के दिनों में राज्य के

विभिन्न स्थानों पर हुई चुनाव संबंधी हिंसक घटनाओं पर कड़ी चिंता व्यक्त की।

 



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