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धोनी ने सिर्फ बल्ला छोड़ा है खेल तो अभी जारी है दोस्तों

बीसीसीआइ की घोषणा से साफ हुआ किन्हें परेशानी है

  • श्रीनिवासन का समर्थन प्राप्त है माही को

  • पर्दे के पीछे से सुदेश और हेमंत का है साथ

  • झारखंड क्रिकेट में आने वाला है बड़ा भूचाल

संवाददाता

रांचीः धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने का एलान क्या कर दिया, देश के क्रिकेट

प्रशासकों में से कुछ की नींद उड़ गयी है। सभी यह सोच सोच कर हैरान हैं कि महेंद्र सिंह

धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट से कौन कौन दिग्गज हवा में उड़ सकते हैं। भारतीय क्रिकेट

कंट्रोल बोर्ड की तरफ से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रस्ताव का खंडन किया

जाना ही इसके लिए पर्याप्त प्रमाण है। बीसीसीआई की तरफ से राजीव शुक्ला ने धोनी के

रिटायरमेंट के मौके पर फेयरवेल मैच कराने के प्रस्ताव से इंकार कर दिया है। दरअसल

हेमंत सोरेन ने यह मैच रांची में कराने की बात कही थी। इस वजह से यह समझना आसान

है कि धोनी को रांची में और अधिक लोकप्रियता मिलने से किनलोगों को आपत्ति हो

सकती है।

अब धोनी की रणनीति का इतने दिनों का अनुभव तो यही बताता है कि कैप्टन कूल बिना

सोचे विचारे इस किस्म का फैसला नहीं लेता। भारत को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में जो सम्मान

उन्होंने अपनी रणनीति की बदौलत दिया है, वह आगे भी जारी रहेगा, यह तय है।

आईपीएल का आकर्षण भी महेंद्र सिंह धोनी बनाये रखेंगे

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अचानक उन्होंने सन्यास लेने की घोषणा अवश्य की है। लेकिन यह

तय है कि इसके बाद भी धोनी अभी आईपीएल से जुड़े रहेंगे। ऐसे में उनकी लोकप्रियता के

पैमाने की परख भी हो जाएगी। लेकिन रांची में उनके सम्मान में कुछ होना से जाहिर तौर

पर झारखंड क्रिकेट के कर्ता धर्ता पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ चौधरी को परेशानी

है, उनकी परेशानी ही राजीव शुक्ला के बयान से बाहर आयी है। झारखंड क्रिकेट पर जिन

तिकड़मों की बदौलत अमिताभ चौधरी के कब्जा कर रखा है, वे सामने धोनी के होने की

स्थिति में एक झटके में ध्वस्त हो सकते हैं। इसलिए यह भय भी स्वाभाविक है।

अब दूसरी तरफ बीसीसीआई के क्रिकेट प्रशासकों के लिए भी परेशानी है कि वे अमिताभ

चौधरी को खुश रखने के लिए एन श्रीनिवासन की नाराजगी मोल लेना नहीं चाहते। धोनी

की पीठ पर उनका हाथ है, यह सर्वविदित है।

धोनी ने बिना सोचे समझे कुछ भी नहीं किया है, यह तय है

झारखंड की बात करें को क्रिकेट संघ के चुनाव में अमिताभ चौधरी से पराजित होने वाले

पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो के साथ धोनी की मित्रता जगजाहिर है। दूसरी तरफ खुद

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी धोनी के अन्यतम प्रशंसकों में हैं। ऐसे में झारखंड की पिच पर

धोनी की बल्लेबाजी निश्चित तौर पर अमिताभ चौधरी और उनके समर्थकों को परेशानी

में डाल सकती है।


 

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