Press "Enter" to skip to content

ढाकियों को नहीं मिला है आमंत्रण परेशानी मे परिवार




राष्ट्रीय खबर




जलपाईगुड़ीः ढाकियों को दुर्गापूजा करीब होने के बाद भी कहीं से आमंत्रण नहीं मिला है। इसकी

वजह से हजारों ढाकियों के परिवार के चेहरों पर चिंता की लकीरें हैं। मौसम में हो रहे बदलाव से

ग्रामीण इलाकों में यह स्पष्ट होता जा रहा है कि दुर्गापूजा का त्योहार करीब आ रहा है। ग्रामीण

इलाकों में शिउली फूल की महक और धान के खेत के मेड़ों पर कास फूल नजर आ रहे हैं। हर साल

की तरह इस बार भी यहां के ढाकियों ने पहले से ही इसकी तैयारी शुरु कर दी थी। लेकिन अब तक

अन्य राज्यों अथवा बांग्लादेश से उन्हें कोई आमंत्रित नहीं कर रहा है। इससे यहां के हजारों परिवार

के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गयी है। दरअसल दुर्गापूजा में ढाकियों के रोजगार का एक ऐसा मौका

आता है, जिसमें वे साल भर की कमाई कर लेते हैं। इसी वजह से इलाके में कोरोना का संकट थोड़ा

कम होते ही इन्होंने अपनी ढाकों को तैयार और दुरुस्त कर उनका परीक्षण भी कर लिया था। कई

गांवों में इसकी तैयारी के तहत ढाकियों ने सामूहिक तौर पर ढाक बजाकर अपनी तैयारी का एलान

भी कर दिया था। फिर भी अब तक खास तौर पर दूर दराज के इलाकों से कोई बुलावा नहीं आया है।




दरअसल पिछले कोरोना काल से ही ढाकियों के लिए इस सालाना आमदनी का रास्ता बंद पड़ा था।

इस बार उम्मीद थी कि स्थिति मे सुधार के बाद उन्होंने अगले साल तक के लिए कमाई करने का नया

अवसर प्राप्त होगा। लेकिन दूसरे राज्यों के पूजा के आयोजक अब तक उनसे संपर्क नहीं कर रहे हैं

ढाकियों को पिछले साल भी नहीं मिला था रोजगार

 ढाकियों का पहले तो यहां केबड़ा जत्था बांग्लादेश भी जाता था। इस बार वह भी बंद है। कोरोना की

वजह से ही शायद पूजा के आयोजकों ने भी पूजा के आकार को छोटा करने की वजह से ढाकियों को

बुलाने पर पाबंदी लगाकर खर्च में कटौती की तैयारी की है। वैसे भी सिर्फ दुर्गापूजा के मौके पर ही वे

ढाकियों की भूमिका में होते हैं वरना शेष दिनों में कोई सब्जी बेचता है तो कोई फल विक्रेता होता है।

वहां के ढाकियों में से एक बादल दास ने कहा कि यूं तो पहले दो तीन माह पहले ही पूजा केआयोजन

यहां आकर अथवा दूसरे माध्यम से ढाक बजाने का एडवांस देकर काम पक्का कर दिया करते थे।

पिछले साल तो कोरोना की वजह से कोई भी बाहर नहीं जा पाया था। इस बार भी अंततः क्या होगा,

यह कह पाना अब और कठिन होता चला जा रहा है।



More from धर्मMore posts in धर्म »
More from पश्चिम बंगालMore posts in पश्चिम बंगाल »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.
%d bloggers like this: