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उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में क्रेडिट कमिटि की बैठक







गुमलाः उपायुक्त गुमला शशि रंजन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय लोन क्रेडिट कमिटि की बैठक सम्पन्न हुआ।

बैठक में जिले के सभी बैंकों से आएं बैंककर्मी व जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

विकास भवन के सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से घटते कैश डिपोजिट रेसियों,

कृषकों को देय ऋण, लघु उद्योग व अन्य व्यवसाय से संबंधित ऋण आदि पर विशेष रूप से चर्चा किया गया।

उपायुक्त ने बैठक में बताया 31 मार्च 2019 (प्रथम तिमाही) में जिले का

कैष डिपोजिट रेसियों (सीडी रेसियों) मात्र 26.77 प्रतिशत है जो कि

राष्ट्रीय बेंचमार्क 60 प्रतिशत से बहुत कम है। उन्होंने यह भी कहा कि

कुछ बैंकों का जैसे इंडियन बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इलाहाबाद बैंक की सामान्य से

बहुत खराब होने के कारण औसत कम होता जा रहा है, इन्हें विशेष सुधार करने की आवश्यकता है।

इसके अलावे उपायुक्त ने बताया कि एक्सिस बैंक, आंध्रा बैंक, कॉ-ऑपरेटिव बैंक व अन्य बैंकों द्वारा

किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध नहीं कराने पर नाराजगी जतायी। उन्होंने सभी बैंकों को

निर्देशित करते हुए कहा कि बैंक में आएं किसानों, मनरेगा मजदूरों, वृद्ध व विधवा महिलाओं तथा

गरीब तबके के लोगों से बैंक कर्मी ठीक से पेश आए व अलग-अलग कारण देकर

उनकी समस्याओं को टालने की बजाए उसका निपटारा करने पर ध्यान दें।

उपायुक्त शशि रंजन ने कहा किसानों को दें ऋण

श्री रंजन ने कहा सभी बैंक कृषकों को खाद-बीज व कृषि हेतु उपयोग में

लाए जाने वाले कृषि यंत्र व ट्रेक्टर आदि खरीदने के लिए ऋण देना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि के क्षेत्र में भी गुमला जिला काफी पीछे है।

अत: 100 प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराएं और सभी प्रखण्डों में

शिविर आयोजित कर बैंक मित्र के माध्यम से नये आवेदन फॉर्म मंगाकर अधिक से अधिक

किसानों को कृषि ऋण मुहैया कराएं। बैंक अपने-अपने कार्यक्षेत्र के नजदीकि गांवों में

जाकर ग्रामीणों को आवेदन करने  के लिए आच्छादित करें।

श्री रंजन ने कहा कि कौषल विकास योजना के तहत् बहुत से ऐसे महिला व पुरूष हैं

जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का लघु अथवा मध्यम उद्योग स्थापित करना चाहते है

, ऐसे लाभुकों को ऋण अवश्य मुहैया कराएं। इसकी मदद से जिले में मशरूम की

खेती, मोमबत्ती बनाने का व्यवसाय, मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन आदि उद्योगों का

बढ़ावा दिया जा सकता है तथा उनकी आर्थिक स्थिति में मजबूती लाने में मदद् मिल सके।

श्री रंजन ने कहा कि इन उद्योगों के लिए बहुत अधिक धनराशि की आवश्यता नहीं पड़ती है,

अत: बैंक कर्मी इसे देने में बहानेबाजी करने के बजाएं उन्हें ऋण प्रदान कर जिले की उन्नति में सहयोग दें।



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