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विदेशों में फंसे सभी भारतीयों को वापस लाये सरकार

नयी दिल्लीः विदेशों में फंसे सभी भारतीयों को सकुशल वापस लाने की मांग आज

लोकसभा में उठी। दुनिया भर में फैली महामारी कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के

मद्देनजर लोकसभा में आज कई सदस्यों ने विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने की

सरकार से माँग की। कांग्रेस के ए. चेल्लाकुमार, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के

एन.के. प्रेमचंद्रन और महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सदस्य नवनीत कौर राणा ने

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र तथा अन्य

नागरिक दूसरे देशों में फंसे हुये हैं। उड़ानें बंद होने के कारण वे स्वदेश नहीं लौट पा रहे।

इसलिए सरकार को विशेष विमान भेजकर उन्हें भारत लाना चाहिये। श्री चेल्लाकुमार ने

कहा कि फिलिंिपस और मलेशिया में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र फंसे हुये हैं। सैकड़ों

भारतीय छात्र अब भी मलेशिया में हैं। वहाँ की सरकार ने विदेशी छात्रों को 72 घंटे के

अंदर देश छोड़ने के लिए कहा है। यह समय सीमा आज समाप्त हो रही है। उन छात्रों के

पास खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरकार को विशेष विमान भेजकर उन्हें

वापस लाना चाहिये।

विदेशों में फंसे भारतीयों में चार हजार भारतीय छात्र भी

श्री प्रेमचंद्रन ने कहा कि क्वालालंपुर (मलेशिया) में 300 से अधिक, मनीला (फिलिपिंस)

में 300 और रोम (इटली) तथा ईरान में भी सैकड़ों भारतीय अब भी फंसे हुये हैं। सरकार

को उन्हें निकालने की पहल करनी चाहिये। श्रीमती राणा ने कहा कि फिलिपिंस में चार

हजार भारतीय छात्र फंसे हुये हैं जिनमें 800 तो सिर्फ महाराष्ट्र के हैं। सिंगापुर और

मलेशिया में भी कई भारतीय छात्र हैं। उन्होंने जानना चाहा कि सरकार उन्हें निकालने

के लिए क्या कर रही है। उन्होंने पुलिस, मेट्रो तथा बस कर्मचारियों समेत सभी सरकारी

कर्मचारियों को मास्क तथा बचाव के अन्य साधन उपलब्ध कराने की माँग की।

भारतीय जनता पार्टी के अजय मिश्रा टेनी ने कोविड-19 को नियंत्रित करने के सरकार

के उपायों और डॉक्टरों तथा सभी स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि

इसके लिए संसद में एक धन्यवाद प्रस्ताव लाना चाहिये। साथ ही उन्होंने नियंत्रण के

प्रयासों में और तेजी की माँग की


 

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