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दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी की राजनीति स्पष्ट हो गयी




नई दिल्ली: दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत की राजनीति भी छिपी नहीं रह पायी।




विवाद आगे बढ़ा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्ति पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने

माफी तो मांग ली लेकिन दिल्ली को ऑक्सीजन प्लांट क्यों नहीं मिले, उसके दस्तावेज भी

सामने पटक दिये गये। अब भाजपा की तरफ से सफाई का दौर चल रहा है लेकिन यह

बिल्कुल पानी की तरह साफ हो चुका है कि भाजपा की अपनी राजनीति का कहर दिल्ली

की जनता की मौत है। दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से होने वाले मौत के लिए सिर्फ यही

जिम्मेदार नहीं है बल्कि उत्तरप्रदेश और हरियाणा से भी दिल्ली में ऑक्सीजन की सप्लाई

को बाधित किया जा रहा है। भाजपा के लोगों को भले ही इस बात का एहसास ना हो

लेकिन जनता के अंदर दिल्ली में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित किये जाने का जो गुस्सा

है वह कोरोना संकट के निपट जाने के  बाद भाजपा को ही झेलना पड़ेगा। इसके पहले ही

दिल्ली में ऑक्सीजन के अलावा कोरोना वैक्सिन की डोज अब तेजी से घटती जा रही है।

वैसे देश के कई राज्यों में कोरोना की स्थिति बेकाबू नजर आ रही है। ऐसा ही कुछ दिल्ली

में भी चल रहा है, जहां लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों ने सरकार और चिकित्सा विभाग

की चिंता बढ़ा रखी है। लोग कोरोना को लेकर बिल्कुल भी सजग नजर नहीं आ रहे है,

जिसका परिणाम दिल्ली में साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद

केजरीवाल ने आज कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच दिल्ली के अस्पतालों की दौरा किया

और वहां की स्थिति को करीब से जाना। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोक नायक जय

प्रकाश अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में तेजी से कोरोना के




मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

दिल्ली में ऑक्सीजन और वैक्सिन की कमी राजनीति है

हमें वैक्सीनेशन तेज करने की जरूरत है, दिल्ली में ये चौथी लहर आई है, इससे पहले

नवंबर में लास्ट वेव आई थी, इसलिए हम उस स्तर की तैयारी कर रहे हैं। कोरोना संकट के

चलते केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश

वहीं इसके अलावा केजरीवाल ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त कोरोना वैक्सीन हो और उम्र

की पाबंदी को हटा दी जाती है, तो हम दिल्ली में 2-3 महीने के भीतर सभी लोगों को टीका

लगा सकते हैं। दिल्ली में बची वैक्सिन से अभियान रुक भी सकता है। इसके अलावा

केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में 7-10 दिन की वैक्सीन बची हुई है। अगर हमें समुचित

संख्या में डोज उपलब्ध कर दी जाए, आयु सीमा हटा दी जाए और बड़े स्तर पर

वैक्सीनेशन सेंटर खोलने की इजाजत दे दी जाए तो हम 2-3 महीने में पूरी दिल्ली को

वैक्सीनेट कर सकते हैं। इसके साथ ही केजरीवाल ने साफ कर दिया कि दिल्ली में कोई

लॉकडाउन नहीं होगा। वहीं उन्होंने जल्द ही नए प्रतिबंध लगाने की बात कही हैं। आपको

बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली में कोरोना के 8,521 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 39

लोगों की मृत्यु दर्ज की गई थी। लेकिन यह स्पष्ट है कि दिल्ली में सरकार नहीं बना पाये

की खीझ ने भाजपा को एकदम से घटिया स्तर की राजनीति की तरफ धकेल दिया है।

दिल्ली में ऑक्सीजन के साथ साथ वैक्सिन की कमी इसी राजनीति का परिणाम है।

लेकिन जनता इसे पूरी गंभीरता से देख समझ रही है।



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