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रक्षा संबंधी संसदीय कमेटी की बैठक में भड़क गये अध्यक्ष जुएल उरांव

  • राहुल ने फिर उठाया राफेल विमान सौदे का सवाल

  • सवाल को एजेंडा से बाहर का बताया अध्यक्ष ने

  • बसपा सांसद ने किया हस्तक्षेप कहा बोलने दे

  • सवाल कम विमानों की खरीद से संबंधित था

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः रक्षा संबंधी संसदीय कमेटी की बैठक में आज भी गर्मागर्मी रही। दरअसल

कांग्रेस सांसद और इस कमेटी के सदस्य राहुल गांधी ने आज फिर इस शीर्ष रक्षा कमेटी

की बैठक में राफेल विमान सौदे का सवाल उठा दिया। राहुल गांधी के सवाल से कमेटी के

अध्यक्ष जुएल उरांव भड़क गये। उन्होंने ऐसे सवालों को बैठक के विषय से बाहर का

बताया।

संसद की रक्षा समिति की बैठक में राहुल गांधी को रोके जाने पर बसपा के सदस्य कुंवर

दानिश अली ने भी आपत्ति जतायी। उन्होंने कहा कि इस समिति के एक वरिष्ठ सदस्य

को ऐसे गंभीर सवाल पूछने का पूरा अधिकार है और ऐसे मामलों को किसी दूसरे बहाने से

नहीं टाला जाना चाहिए। कमेटी के अध्यक्ष श्री उरांव ने एक सदस्य द्वारा इतना अधिक

समय लेने पर भी आपत्ति जतायी थी। बताते चलें कि इससे पूर्व दिसंबर की बैठक के

दौरान भी श्री उरांव और राहुल गांधी के बीच तनातनी हो गयी थी। जिसके बाद श्री गांधी

बैठक को बीच में ही छोड़कर निकल गये थे। इस बार की बैठक में राहुल गांधी ने जानना

चाहा था कि जब पाकिस्तान और चीन की सीमा की स्थिति से पूरा देश वाकिफ है तो पूर्व

में लिये गये 126 राफेल विमानों की खऱीद का फैसला बदलकर सिर्फ 36 विमान खरीदने

का फैसला कैसे लिया गया। श्री गांधी का यह प्रश्न चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल

विपिन रावत से था। इसी संदर्भ में श्री गांधी ने यह भी जानना चाहा था कि क्या कम

विमानों की खरीद से हमारी रक्षा संबंधी जरूरतें पूरी हो जाएंगी और कम संख्या में विमान

खरीदने का फैसला किस स्तर पर और क्यों लिया गया था।

रक्षा संबंधी इस कमेटी की बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई

गुरुवार को इस बैठक की सूचनाएं देर से सार्वजनिक हो पायी हैं। यह सूचना तब बाहर

आयी है जबकि लद्दाख की सीमा पर भारत और चीन की सेना अपनी समझौते का पहला

और दूसरा चरण पूरा कर चुकी हैं। दूसरी तरफ किसान आंदोलन, कृषि कानून और लद्दाख

के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तनातनी की स्थिति बरकरार है। राहुल के सवाल के

उत्तर में समझा जाता है कि जनरल रावत ने इसका उत्तर देते हुए बताया है कि भारतीय

वायुसेना अपनी फाइटर जेटों की कमी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के विमानों से

पूरा करने वाली है।

रक्षा मंत्रालय के बजटीय प्रावधान और खर्च पर होने वाली इस बैठक में राहुल गांधी के मुद्दे

से बैठक का माहौल गरमा गया था। इस कमेटी के अध्यक्ष जुएल उरांव से साफ तौर पर

कहा कि राहुल गांधी ऐसे सवालों को न उठाये, जिनका इस बैठक के एजेंडा से कोई रिश्ता

ही नहीं है। राहुल को रोके जाने पर बसपा के कुंवर कानिश अली जब सामने आये तो

उन्होंने यह सवाल और जड़ दिया कि जब भारतीय वायुसेना इसी मुद्दे पर एचएएल पर

निर्भर है तो राफेल की खरीद में इस सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को अलग थलग क्यों किया

गया था। समझा जाता है कि इस शीर्ष कमेटी की बैठक में रक्षा संबंधी अन्य महत्वपूर्ण

विषयों पर भी चर्चा हुई है, जिनमें पूर्वी लद्दाख का मुद्दा भी शामिल थे। लेकिन ऐसे अति

संवेदनशील मुद्दों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती है।

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