Press "Enter" to skip to content

डिफेंस चीफ स्टाफ जनरल रावत की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत




इस पर पत्नी सहित कुल चौदह लोग सवार थे
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी
वायु सेना ने हादसे की जांच के आदेश दिये
स्थानीय स्तर पर 13 की मौत की पुष्टि
राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः डिफेंस चीफ स्टाफ जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गयी है। कन्नूर के पास वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। इस दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर पर भारत के प्रथम डिफेंस चीफ जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी सवार थे।




औपचारिक तौर पर इस हादसे में देश के प्रथम डिफेंस चीफ स्टाफ जनरल रावत की मौत की घोषणा काफी देर बात की गयी। इसके पहले ही स्थानीय स्तर पर इस बात की जानकारी मिली है कि इस हेलीकॉप्टर पर सवार 14 में से 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

एक व्यक्ति को अत्यंत जली हुई अवस्था में निकाला गया है, जिसका ईलाज चल रहा है। अब तक सेना अथवा वायुसेना की तरफ से मरने वालों की सूची भी जारी नहीं की गयी है।

सिर्फ इस बात की जानकारी दी गयी है कि यह हेलीकॉप्टर सुल्लूर से वेलिंग्टन हवाई स्टेशन जाने के दौरान ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ। स्थानीय लोगों ने आग की लपटों से घिरे इस हेलीकॉप्टर की जानकारी स्थानीय प्रशासन को सबसे पहली दी। स्थानीय लोग भी सबसे पहले वहां लोगों को बचाने भी पहुंचे।

जिस स्थान पर यह हेलीकॉप्टर गिरा और जला वह हल्के जंगलों वाला पहाड़ी ढलान जैसा इलाका है। वैसे इस घटना के बारे में वायुसेना की तरफ से सिर्फ यह एलान किया गया है कि कन्नूर के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी होगी।




साथ ही वायुसेना ने यह बताया है कि इस पर सीडीएस जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी सवार थे। सूचना के मुताबिक जनरल रावत दिल्ली से एक विमान के जरिए सल्लुर पहुंचे थे। जहां से वह हेलीकॉप्टर से वेलिंगटन जा रहे थे।

डिफेंस चीफ स्टाफ का हेलीकॉप्टर नीलगिरी पर्वत के जंगल में गिरा

वैसे अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ क्योंकि इस हेलीकॉप्टर को अत्यंत सुरक्षित माना जाता है। इस पर जनरल रावत के साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी सवार थे।

कन्नूर के पास सबसे पहले स्थानीय लोगों ने देखा इस घटना की सूचना पाते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कैबिनेट की बैठक छोड़कर निकल गये थे। बाद में उन्होंने अलग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बारे में जानकारी दी। दूसरी तरफ श्री सिंह के अलावा थलसेनाध्यक्ष जनरल नरवाणे भी जनरल रावत के दिल्ली आवास पर पहुंचे।

बताया गया है कि इस पूरी घटना पर रक्षा मंत्री कल संसद में अपना बयान देंगे। नीलगिरि पर्वत के पास यह हादसा सड़क से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर हुआ था। जिस कारण वहां सबसे पहले स्थानीय ग्रामीण ही पहुंचे थे।

वैसे इस सूचना के बाद अनेक वरीय अधिकारी घटनास्थल की तरफ रवाना हो गये हैं। वहां पहुंचे लोगों के जलते इस हेलीकॉप्टर से किसी तरह लोगों को खींचकर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर इस आग को बूझाने का भी काफी प्रयास किया था।



More from तमिलनाडूMore posts in तमिलनाडू »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »

Be First to Comment

Leave a Reply

%d bloggers like this: