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नारायणगंज विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हुई

  • विशेषज्ञों ने सामान्य विस्फोट होने की घटना पर संदेह व्यक्त किया

  •  सिर्फ एसी विस्फोट से ऐसा नहीं हो सकताः शमशूल आलम

  •  तितास गैस कंपनी के लोगों ने पचास हजार मांगे थे

  •  शेख हसीना ने कहा पूरे मामले की विस्तृत जांच होगी

ढाका से अमीनूल हक की रिपोर्ट

ढाकाः नारायणगंज मजसिद में हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गयी

है। घटना के तुरंत बाद वहां 12 लोगों की मौत हुई थी। शेष सभी को गंभीर अवस्था में

ढाका के शेख हसीना बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी इंस्टिट्यूट में लाया गया था। घायलों में से

12 लोगों ने यहां अस्पताल में आकर दम तोड़ा है। विशेषज्ञों ने घटनास्थल का मुआयना

करने के बाद इसे सामान्य विस्फोट की घटना मानने से इंकार कर दिया है। कुछ लोगों के

मुताबिक यह एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया नरसंहार है। इसके कुछ तथ्य

मिलने के बाद मामले की और गहन जांच प्रारंभ हो चुकी है। इस संबंध में डेफोडील

यूनिवर्सिटी के तकनीकी विशेषज्ञ विभाग के डीन डॉ शमशूल आलम ने कहा कि सामान्य

तौर पर किसी एसी के विस्फोट से ऐसी घटना नहीं घट सकती है। उनके मुताबिक मरने

वालों के परिजनों के कहा है कि मसजिद के नीचे से पाइप लाइन गयी है, जिसमें शायद

लीकेज होने की वजह से पूरे मसजिद परिसर में अचानक ही आग लगने के साथ साथ

विस्फोट हुआ था।

लेकिन इस दावा की भी जांच जरूरी है।

इधऱ आज सुबह से ही अस्पताल परिसर में दिल दहला देने वाली तस्वीरें एक के बाद एक

नजर आती रही। चारों तरफ मृतकों के परिजनों के रोने की आवाज के बीच अस्पताल में

घायल मरीजों की देखभाल के बीच दौड़ते भागते डाक्टर भी नजर आये। वहां मौजूद रासेल

नामक युवक के पिता की इस हादसे में मौत हुई है। उसका आरोप है कि तितास गैस

कंपनी की गलती की सजा लोगों को मिली है। वहां मौजूद घायलों के परिजनों की

शिकायत थी कि पहले भी गैस लीक होने के बारे में कंपनी के लोगों को बार बार हिदायत

दी गयी थी। पहली बार यह राज भी सामने आया कि इस गैस लीकेज को ठीक करने के

लिए तितास  कंपनी के लोगों ने पचास हजार रुपयों की मांग की थी। इसलिए अब मरने

वालों के परिवार को कंपनी की तरफ से मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों को

सजा देने की मांग उठने लगी है। मामला गरमाते जाने के बीच ही फतुल्ला मसजिद

विस्फोट के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दायर किया है। थाना

प्रभारी आफताब हुसैन ने कहा कि पूरे मामले की जांच के बाद ही जिम्मेदार लोगों के

खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

नारायणगंज मजसिद में उन्होंने आज दुर्घटनास्थल का दौरा भी किया है

इस बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मरने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते

हुए पूरे मामले की जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि मसजिद के नीचे गैस लाइन क्यों

थी, इसकी सबसे पहले जांच की जाएगी। रविवार को जातीय संसद के अधिवेशन में भी

इस घटना पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया है। संसद में बोलते हुए शेख हसीना ने कहा

कि आम तौर पर किसी पाइप लाइन के ऊपर निर्माण की अनुमति नहीं होती है। इसलिए

पूरे मामले की जांच जरूरी है।


 

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