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गुटखा जैसी प्रतिबंधित सामान की छोड़ने की डील हो गयी अच्छी बढ़ गयी डेट

  • किसी तरह बचाये गये तीन और गोदाम
  • डील को लेकर बाजार में जोरदार चर्चा
  • राज्य में अब भी है काफी माल पड़ा
संवाददाता

रांचीः गुटखा जैसी प्रतिबंधित सामान की बरामदगी के बाद उसे बचाने की कवायद पूरी हो

चुकी है। मिली जानकारी के मुताबिक आगामी 10 जून तक के लिए व्यापारियो को

मोहलत दे गयी है। जानकार मान रहे हैं कि इस मामलें में अच्छी खासी डील हुई है। सिर्फ

रांची के एक गोदाम से करोड़ों का माल बरामद होने के बाद राज्य के कई अन्य

कारोबारियों ने मिल जुलकर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इन्हें हटाने के लिए 10 जून

तक का अवधि विस्तार हासिल कर लिया है। दूसरी तरफ इस बात की भी पुष्टि हो गयी है

कि अपर बाजार के एक गोदाम में छापामारी होने के पहले ही इसी तरह के तीन और

गोदामों की सूचना छापामारी में शामिल अधिकारियों को मिली थी। लेकिन ऊपर के

आदेश पर इन छापामारियों को रोका गया है। वरना रांची में दस करोड़ से अधिक का

गुटखा और अन्य प्रतिबंधित तंबाखू पदार्थ अब भी न सिर्फ पड़ा है बल्कि ऊंचे दाम पर

बेचा भी जा रहा है।

छापामारी के वक्त किसी ने भी इस माल पर अपना दावा नहीं किया था। इसलिए अब

सरकार से संरक्षण प्राप्त कर लेने के बाद कौन व्यापारी इस माल को अपना बतायेगा, यह

देखना रोचक होगा। वैसे अपर बाजार की चर्चा के मुताबिक यह माल दरअसल जयप्रकाश

का है, जो लॉक डाउन के दौरान भी दूसरे रास्ते से गुटखा की बिक्री के लिए चर्चा में आये

थे। बोकोरो से मिली जानकारी के मुताबिक वहां के उपायुक्त ने इस संबंध में व्यापारियों

को आदेश भी जारी कर दिये हैं।

गुटखा आदि को 31 मई तक हटाने का निर्देश पहले जारी था

उनके मुताबिक सरकारी अधिसूचना के माध्यम से इस किस्म के पदार्थों को हटाने की

समय सीमा को 31 मई से बदलकर 10 जून तक कर दिया गया है। राज्य सरकार के द्वारा

अधिसूचना जारी कर झारखंड राज्य में पूर्ण रूप से तंबाकू के 11 ब्रांड के पान मसालों पर

मैग्निशियम कार्बोनेट सामग्री वाले पान मसाला ब्रांड को अगले एक साल तक के लिए

प्रतिबंधित किया गया था। जिसमें मुख्य रूप से पान पराग, शिखर, रजनीगंधा, दिलरुबा,

राज निवास, मुसाफिर, मधु, विमल, बहार, शेहरत, पान पराग प्रीमियम पान मसाला है।

राज्य में उत्पादन, भंडारण, थोक एवं खुदरा बिक्री पूर्णता प्रतिबंधित किया गया है। अब

जब्त माल को बचाने के एवज में जो डील हुई है, उससे राज्य में गुटखा का स्टॉक जमा कर

कालाबाजारी करने वाले व्यापारी प्रसन्न हैं। बोकारो के डीसी मुकेश कुमार ने जिले के

वितरक एवं थोक विक्रेताओं को उपरोक्त ब्रांड के उत्पादकों की सूची बनाकर खाद्य सुरक्षा

पदाधिकारी व अनुमंडल पदाधिकारी को उपलब्ध करवाते हुए दुकान अथवा गोदाम से

निकाल कर विगत 31 मई 2020 तक राज्य की सीमा से बाहर भेजने की छूट दी गई थी।

साथ ही उपरोक्त ब्रांड के पान मसाला उत्पादों का ब्रिकी स्थल पर भंडारण वर्जित किया

गया था।

10 जून के अंदर ही अपने स्टॉक की सूची बनाकर भेजे

डीसी ने जिले के सभी वितरक एवं थोक विक्रेताओं को निदेशित किया है कि यदि किसी

कारणवंश उपरोक्त प्रतिबंधित उत्पाद राज्य की सीमा से बाहर नहीं भेज पाए हो तो पांच

दिनों के अंदर अपने स्टॉक की अद्यतन सूची बनाकर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को

उपलब्ध करवाते हुए इसके प्रति अनुमंडल पदाधिकारी चास व बेरमो सह अभिहित

पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही साथ दोनो अनुमंडल

पदाधिकारी उक्त सूची की समीक्षा के उपरांत वैसे वितरक एवं थोक विक्रेता जो जायज

कारणों से प्रतिबंधित उत्पाद राज्य के बाहर नहीं ले जा सके हैं को 10 जून 2020 तक

सक्षम स्तर पर परिवहन निर्गत कराने की कार्रवाई करेंगे।


 

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