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पिता की मौत के बाद बेटियों ने दिया कंधा नहीं आये पड़ोसी मदद को

  • महामारी के दौर में लोग नहीं दे रहे साथ

  • महाकाल के सदस्यों ने किया सहयोग

सिरकाः पिता की मौत के बाद बेटियों को ही अपने पिता की अर्थी को कंधा देना पड़ा।

अरगड्डा में कोरोना महामारी के दौर के बीच मरने वाले व्यक्तियों को कंधा देने से लोग

बच रहे हैं। इससे समाज में असमंजस व्याप्त होता जा रहा हैं। इसी प्रकार का वाक्या

शुक्रवार को अरगड्डा मस्जिद मोहल्ला निवासी स्वर्गीय सुजीत सिन्हा उम्र लगभग 45

वर्ष की बीमारी के बाद मृत्यु हो जाने के बाद सामने आया। यहां मृतक को कंधा देने वाला

कोई भी आसपास का व्यक्ति नहीं था। मृतक की बेटियों और सूचना के बाद महाकाल

मंडली समिति के सदस्यों द्वारा मृतक के अंतिम यात्रा में अर्थी को बेटियों के साथ कंधा

देने का सहयोग किया। मृतक अपने पीछे पत्नी बबीता सिन्हा, बड़ी पुत्री प्रियंका सिन्हा,

मंझली पुत्री मनीषा सिन्हा, छोटी बेटी परी सिन्हा, बेटा सुशांत सिन्हा को छोड़ गए है। इस

संबंध में मृतक के परिजनों ने बताया कि मृतक सुजीत सिन्हा टेंपो चलाकर अपने परिवार

का भरण पोषण करते थे। बीते लगभग 15 दिनों से मृतक सुजीत का तबीयत बिगड़ा हुआ

था। स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराने के बाद टाइफाइड होने की बात कही जा रही थी। घर

की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इलाज करने में परेशानी हुई। जिसके बाद

देहांत हो गया।

पिता की मौत के बाद महाकाल मंडली के लोग पहुंचे

वहीं महाकाल मंडली अध्यक्ष सूरज कुमार पासवान उर्फ सिक्की ने बताया कि जैसे ही हम

लोगों को मृतक सुजीत के परिवार की परेशानी के बारे में पता चला। हम लोगों ने अंतिम

यात्रा को अरगड्डा दामोदर घाट पहुंचाने का काम किया। कोरोना महामारी के दौर में किसी

भी प्रकार से मृत्यु होने पर लोग अंतिम संस्कार में भी जाने से परहेज कर रहे हैं। लेकिन

हम सभी महाकाल मंडली के सदस्य लगातार हर संभव मदद करने को तैयार हैं। मौके पर

राजा ठक्कर, जितेंद्र केशरी, अक्षय कुमार, नीरज राय आदि उपस्थित थे।

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