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भीड़ को जबरन रोकने से कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण




भीड़ की वजह से ही दोनों बार देश में कोरोना फैला था। हम पहले दौर को इसलिए इस गिनती में शामिल नहीं कर सकते क्योंकि तब तक लोगों को यह एहसास ही नहीं था कि यह कितना बड़ा खतरा है। अब देश के अलावा विदेशों में भी भीड़ को नियंत्रित करने के उपायों से बेहतर नतीजे आने प्रारंभ हो गये हैं।




देश में रोजाना के संक्रमण दर में गिरावट देखी गयी है। दूसरी तरफ सभी राज्य अपने यहां के रोगियों के हिसाब से प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाते जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि भीड़ में घुसने की बुरी बीमारी ने भारत को कोरोना महामारी की वजह से कितना परेशान किया है।

दूसरी तरफ न्यूजीलैंड भी एक देश है, जहां एक आदमी के भीड़ में जबरन घुसने की वजह से पूरे देश में एक हजार से अधिक लोग इस तरह संक्रमित हो गये कि पूरे देश में ही फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ गया। जनवरी के प्रथम सप्ताह में समूचे यूरोप में कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप के 70 लाख से अधिक नये मामले सामने आए।

यूरोपीय क्षेत्र के 26 देशों ने जानकारी दी प्रत्येक सप्ताह उनकी एक प्रतिशत से ज्यादा आबादी कोरोनावायरस से संक्रमित हो रही है, जो चेतावनी देती है कि देशों के लिए अस्पतालों में कोविड मरीजों की बाढ़ रोकने के अवसर खत्म होते जा रहे हैं।

वाशिंगटन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स के अनुमानों के मुताबिक पश्चिम यूरोप में आधी आबादी अगले छह से आठ हफ्तों में कोरोनावायरस से संक्रमित हो जाएगी। यह स्पष्ट तौर पर भीड़ के नियंत्रित नहीं होने तथा लोगों के कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करने का ही नतीजा है यह तीसरी लहर।

भीड़ की वजह से ही तीसरी बार कोरोना की लहर

अब देश में रोजाना दर्ज होने वाले संक्रमण मामले में मामूली रूप से करीब 6।5 प्रतिशत की गिरावट आई और मंगलवार को संक्रमण के 1,68,063 मामले दर्ज किए गए। मंगलवार सुबह तक संक्रमण से 277 लोगों की मौत हुई जिनमें से 166 मौत केरल में हुई।

इस बीच कोविड पर उपलब्ध डेटा के मुताबिक देश में सोमवार को एहतियातन शुरू की गई बूस्टर खुराक की प्रक्रिया के तहत अब तक करीब 18 लाख बूस्टर खुराक दी गई है। करीब 900,000 स्वास्थ्यकर्मियों और 481,000 अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को तीसरी खुराक दी गई।




वहीं 60 साल से अधिक उम्र समूह हमें 470,000 से अधिक लोगों को बूस्टर खुराक दी गई। वहीं मंगलवार तक 2।8 करोड़ से अधिक वयस्कों को पहली खुराक दी गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को देश भर के 120 स्वास्थ्यसेवा विशेषज्ञों से कोविड-19 की स्थिति पर चर्चा की और उनके सुझावों को सुना।

उन्होंने ट्वीट किया, कोविड-19 के हालात को लेकर देशभर के 120 विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा की। उनके दिए गए सुझावों को सुना और संबंधित निर्देश दिए। मुझे विश्वास है कि हम सब एक कड़ी की तरह मिलकर कोरोना वायरस से बचाव के लिए काम करेंगे।

मुंबई में रोजाना के संक्रमण मामले में बड़ी गिरावट देखी गई और यह चार दिन पहले के करीब 20,000 मामले के मुकाबले मंगलवार को संक्रमण के 11,000 मामले दर्ज किए गए। वैसे वहां के डॉक्टरों का कहना है कि शहर में संक्रमण के वास्तविक मामले दो या तीन गुना अधिक हो सकते हैं।

संक्रमण का वास्तविक आंकड़ा बहुत अधिक हो सकता है

संक्रमण के वास्तविक आंकड़े अधिक हो सकते हैं क्योंकि कई लोग होम टेस्ट किट से अपनी जांच कर रहे हैं। जनवरी में करीब 5 लाख होम टेस्ट किट बेचे गए हैं और कई मामले तो दर्ज ही नहीं कराए गए हैं। दिल्ली में सोमवार को कोरोना मामले घटने के बाद मंगलवार को फिर से 10 फीसदी बढ़ गए।

मंगलवार को 21,259 नए मामले दर्ज किए, जो सोमवार को दर्ज 19,166 मामले से ज्यादा हैं। मंगलवार को संक्रमण दर 25।65 फीसदी रही और कोरोना से 23 लोगों को जान गंवानी पड़ी। दिल्ली में कोरोना के कहर को थामने के लिए अब निजी दफ्तरों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।

इन दफ्तरों के कर्मचारी अब वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था के तहत काम करेंगे। हालांकि जरूरी सेवाओं से संबंधित और छूट प्राप्त श्रेणी में आने वाले निजी दफ्तर खुले रहेंगे। अभी तक निजी दफ्तर 50 फीसदी क्षमता के साथ खुल रहे थे। यह भी दरअसल भीड़ को नियंत्रित करने का एक तरीका ही है क्योंकि लोग खुद ब खुद इसका पालन ही नहीं कर पा रहे हैं।

अच्छी बात है कि इस लहर में अस्पतालों में आने वाले कोरोना मरीज बेहद कम हैं। कर्नाटक में संक्रमण की दर ने 10 फीसदी का आंकड़ा पार कर लिया है और मंगलवार को संक्रमण के 14,500 नए मामले दर्ज किए गए। इससे भीड़ को कम करने से हो रहे फायदे की तथ्यात्मक पुष्टि हो रही है।



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3 Comments

  1. […] संक्रमण की अवधि कोरोना की इस तीसरी लहर में कम हो गयी है। इसके बाद भी देश में कोरोना संक्रमण की जो वर्तमान स्थिति है, वह अच्छी नहीं है। दरअसल कुछ दिन पहले, यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन ने कोविड-19 से संक्रमित लोगों के आइसोलेशन की अवधि 10 दिन से कम कर पांच दिन कर दी। […]

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