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मगरमच्छ ने उछलकर आदमी का हाथ घायल कर दिया




पेशे से एक टूर ऑपरेटर हैं सीन डियरली
पानी में गिरे खंभा उठाने हाथ बढ़ाया था
मगरमच्छ ने जबड़ा खोला तो हाथ खींच लिया
जरा सी चूक हुई और मगरमच्छ ने हमला कर दिया

कैनबेराः मगरमच्छ अचानक पानी से उछला और नाव पर सवार सीन डियरली नामक व्यक्ति के हाथ को पकड़ लिया। इस घटना को खुद डियरली रोचक ढंग से बयान करते हैं।




उन्होंने कहा कि मैं देख रहा था कि वह विशाल प्राणी मेरे हाथ को पकड़कर झूल रहा है। मैं खुद समझ भी नहीं पा रहा था कि इस मौके पर क्या किया जाए।

पेशे से एक टूर ऑपरेटर का काम करने वाले सीन अपने दल को घूमाने के लिए एडिलेट नदी पर निकले थे। उनका काम जंगलों में पर्यटकों को घूमाना है। इसी दौरे के क्रम में वह एडिलेट नदी पर थे।

यह नदी पहले से ही मगरमच्छो के हमले के लिए कुख्यात है। वहां के मगरमच्छ इससे पहले भी पानी से ऊपर छलांग लगाकर हमला करते पाये गये हैं। इस क्रम में अचानक जब हमला हुआ तो खुद सीन तथा नाव पर मौजूद अन्य लोगों ने देखा कि मगरमच्छ उनके हाथ को अपने जबड़े में दबोचकर लटका हुआ है।

इस बारे में पर्यावरण विशेषज्ञ ऐसे पर्यटन आकर्षण के अभ्यास को ही ऐसे हमलों के लिए जिम्मेदार मानते हैं। टूर ऑपरेटरों ने अपने टूर में शामिल पर्यटकों को दिखाने के लिए बांस के ऊपर मुर्गी बांधकर मगरमच्छों को पानी से उछलकर मुर्गी पकड़ने का अभ्यास करा दिया है।

इसके बाद वे कभी भी पानी से उछलकर हमला करने के अभ्यस्त हो गये हैं।

साठ वर्ष के डियरली ने कहा कि उनपर हमला करने वाला मगरमच्छ करीब सात फीट लंबा था। वहां मौजूद लोगों के शोर और डियरली के प्रतिरोध की वजह से मगरमच्छ से शिकार छोड़कर पानी में भाग जाना उचित समझा। इस हमले में उनके हाथ में चोट लगी है।




मगरमच्छ की पलटी मारने से बड़ा खतरा होता

उनके मुताबिक चोट उतनी खतरनाक नहीं है लेकिन फिलहाल उनकी बांह में एक बहुत बड़ी पट्टी बंधी हुई नजर आ रही है। घटना को याद करते हे सीन ने बताया कि वह पर्यटकों को मगरमच्छों का हमला दिखाने के लिए एक पोल उठाने जा रहे थे। दरअसल यह पोल किसी तरह पानी में गिर गया था।

उसे उठाने की कोशिश में ही मगरमच्छ ने उनपर हमला कर दिया। वैसे इस नदी में सैर करने वाले पर्यटकों को बार बार इस बात की हिदायत दी जाती है कि वे अपना शरीर का कोई भी हिस्सा नाव से बाहर नहीं निकालें।

असावधानी में हाथ निकालकर पोल को उठाने की कोशिश में सीन इस हमले में घायल हो गये। उस वक्त उनकी नाव पर 18 पर्यटक सवार थे, जो यह स्थिति देखकर चीखने लगे थे।

शायद इसी शोर की वजह से मगरमच्छ घबड़ाकर पानी में लौट गया। घटना के हर पल को याद करते हुए उन्होंने बताया कि मगरमच्छ का हमला होने के बाद भी वह अपने हाथ को नाव पर ले आये थे।

उस वक्त भी मगरमच्छ ने हाथ को अपने जबड़े मे दबोच रखा था। सीन यह जानते थे कि अगर अपने शिकार करने के तरीके से मगरमच्छ से पलटी मारी तो उनके हाथ में और गंभीर चोट पहुंच सकती है।

इस चीख पुकार के बीच मगरमच्छ ने इस हाथ को और बेहतर तरीके से पकड़ने के लिए दोबारा पकड़ने की कोशिश में जबड़ा खोला तो सीन ने जल्दी से अपना हाथ पीछे खींच लिया।

हाथ पर से पकड़ खत्म होते ही घबड़ाकर मगरमच्छ पानी में लौट गया। वैसे सीन कहते हैं कि इस नदी के पानी में 18-20 फीट लंबे मगरमच्छ भी हैं। अगर यह हमला किसी बड़े मगरमच्छ ने किया होता तो वह अपनी ताकत से शिकार को ही पानी में खींच ले जाता।



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