लातेहार के बच्चे की मौत पर माकपा ने मानवाधिकार आयोग को घेरे

लातेहार के बच्चे की मौत पर माकपा ने मानवाधिकार आयोग को घेरे

नयी दिल्ली: लातेहार में एक बच्चे को भीड़ द्वारा मार डालने की घटना पर



माकपा ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर न्याय दिलाने की मांग की है

और इस मामले को खत्म किये जाने की तीखी आलोचना की है।

­पार्टी पोलित ब्यूरो की सदस्य एवं पार्टी की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने

आयोग को पत्र लिखकर यह मांग की है।

श्रीमती करात ने पत्र में इस बात पर गहरी चिंता जतायी है कि

2016 में लातेहार में भीड़ की हिंसा के शिकार इम्तियाज़ खान

और  उसके चाचा एम. अंसारी के मामले में आयोग उनके मानवाधिकार की रक्षा करने में असफल रहा।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि आयोग ने मृतकों के परिवार को न्याय

एवं पर्याप्त राहत राशि दिलाने की बजाय उसके मामले को ही बंद कर दिया है।

झारखंड सरकार ने मृतक के परिजन को केवल एक लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की थी

जिसे उसके परिजनों ने नहीं लिया।

आयोग ने उस राशि को बढ़ने के लिए जोर डालने की बजाय उसके मामले को

इस आधार पर बंद कर दिया कि चार सप्ताह की भीतर परिजनों ने जवाब नहीं दिया।

लातेहार की घटना को निपटाने में आयोग ने दो साल लगाये

माकपा नेता ने कहा कि आयोग ने खुद इस मामले को निपटाने में दो साल लगा दिए

और मृतक के परिजनों को जवाब के लिए केवल चार सप्ताह का समय दिया।

उन्होंने कहा कि पत्र में लिखा है कि मृतक के परिजन मजदूर होने के कारण

अपना घर बदल कर कहीं चले गए हों, इसलिये उन्हें जवाब न मिला हों

जिसके कारण वे आयोग को अपना जवाब न दी पाये हों।

इसलिए आयोग को चाहिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि राहत राशि बढ़ायी जाये और परिजनों को न्याय मिले।



Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.