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भाकपा माले ने रांची में गलत ट्रैफिक चेकिंग रोकने की मांग की

रांची : भाकपा माले रांची के भुनेश्वर केवट और एआईपीएफ झारखंड के नदीम खान ने

रांची में लॉकडाउन के दौरान अमानवीय व अनैतिक तरीके से की जा रही ट्रैफिक चेकिंग

अभियान अविलंब रोकने की मांग की है। नेताद्वय ने कहा कि राजधानी रांची में पिछले

कुछ हफ़्तों से ट्रैफिक चैकिंग अभियान लगातार जारी है,जिसकी आर्थिक-सामाजिक-

शारीरिक पीड़ा रांची के नागरिकों से बेतहाशा जुमार्ना वसूली से झेली है और झेल भी रही

है,जिसमें करोड़ों रुपये वसूलें गए,वह भी इस परिस्थिति में जब 74 दिनों से नागरिक सिर्फ

आपने घर पर सरकारी आदेश का पालन कर रहें है,जिसमें अधिकतर नागरिकों के रोजगार

ठप्प पड़ें है,आर्थिक तंगी-भोजन की जुड़ाने की परेशानी और शारीरिक एव सामाजिक

परेशानियों का दंष झेलना पड़ रहा है,ऊपर से यह अमानवीय-अनैतिक ट्रैफिक चैकिंग

अभियान जो मानवीय पीड़ा-मानवीय संवेदना को दरकिनार करने जैसा है। रांची में ट्रैफिक

चैकिंग अभियान को वर्तमान परिस्थिति में बिल्कुल अविलंब रोका जाए, इसके तार्किक

कारणों में जाने से पता चलता है कि इस लॉकडाउन में अधिकतर नागरिकों के रोजगार

ठप्प हो चुके हैं जिस कारण आर्थिक तंगी, भोजन जुटाने की परेशानी के साथ ही उसके उसे

शारीरिक एव सामाजिक परेशानी है। इसी संदर्भ में लॉकडाउन के ठीक पूर्व एवं आज

लॉकडाउन तक में कई पेपर की तिथि लैप्स कर गई है, जिसमें ड्राइविंग लाईसेंस-इंशयुरेंस

पेपर-प्रदूषण पेपर शामिल हैं या फिर पेपर दुकान में बंद है और या फिर कोई और

व्यवहारिक कारण हो सकता है। इधर कई कारणों से बेतहाशा फाइन कटा जा रहा है, जो

अभी इस लॉकडाउन में आर्थिक तंगी, मानसिक, सामाजिक पीड़ा की स्थिति में बिल्कुल

ही अमानवीय, अनैतिक व अव्यवहारिक है।

भाकपा माले और अन्य संगठनों ने कहा,जनता के साथ अन्याय है

हमलोग झारखंड सरकार एव संबंधित विभाग के अधिकारियों से अपील करते है कि इस

लॉक डाउन में इस अमानवीय, अनैतिक, अव्यवहारिक ट्रैफिक चैकिंग अभियान को

अविलंब रोका जाए। इस अमानवीय-अनैतिक ट्रैफिक चैकिंग अभियान में जो भी

नागरिकों से जुमार्ना वसूला गया है उसे वह राशि वापस किया जाए.

चैकिंग होना भी चाहिए तो सिर्फ इस लॉकडाउन की स्थिति में तार्किक होना चाहिए,जैसे

हेलमेट/सीट बेल्ट लगाने-मास्क पहनने एव सिर्फ गाड़ी का ओनर बुक की ही चैकिंग किया

जाए और वह भी आर्थिक-शारीरिक दंड से मुक्त रखा जाए.


 

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