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कोविड 19 जांच की पूर्ण परीक्षण सस्ती किट जर्मनी की कंपनी ने बनायी

  • दो कंपनियों ने मिलकर इसे बनाया है

  • गरीब देशों को ध्यान में रखते हुए सस्ती किट

  • इसके विकास में भारतवंशी वैज्ञानिक डॉ अर्पिता दास भी

  • भारत में भी वितरित किया जा रहा है यह परीक्षण किट

संवाददाता

रांचीः कोविड 19  जांच और ईलाज अभी पूरी दुनिया के लिए सबसे प्रमुख विषय बना हुआ

है। इसी वायरस की जांच के लिए एक पूर्ण परीक्षण किट तैयार किया है जर्मनी की

बॉयॉटेक रेविट जीएमबीएच ने । इस कंपनी ने टिब मोल बॉयोल के साथ मिलकर इसे

विकसित किया गया है। डब्ल्यूएचओ द्वारा इस परीक्षण किट को मानकों पर खरा बताये

जने के बाद उनका उत्पादन और दुनिया भर में वितरण भी हो रहा है। जर्मनी की कंपनियों

ने स्वदेशी बाजार में तो जनवरी माह में ही उथार दिया था। क्यूआरटी पीसीआर के आधार

पर इसे परीक्षण के लिए सबसे बेहतर किट के तौर पर माना जा रहा है । यह कोविड 19 जांच किट मरीज में मौजूद किसी भी वायरस आक्रमण की पहचान करने में सक्षम है। इस

विधि में काम आने वाले रासायनिक मिश्रण को खास तौर पर तैयार किया गया है। इसकी

मदद से किसी भी कमरे के सामान्य तापमान पर भी नमूना एकत्रित किया जा सकता है।

साथ ही इस परीक्षण से संग्रह नमूना को आसानी से दूसरे स्थान पर बेहतर जांच के लिए

भी भेजा जा सकता है। कंपनी के वैज्ञानिकों का समूह काफी पहले से ही इस पर काम कर

रहा था। इसके लिए सांस के जरिए होने वाले संक्रमण में सक्रिय वायरसों की पहचान के

लिए रसायन तैयार किये गये थे। अचानक कोविड 19 का प्रकोप सामने आने के दौर में

इसमें थोड़ा बदलाव किया गया है ताकि यही परीक्षण विधि कोरोना की जांच में भी सही

तरीके से काम कर सके।

कोविड 17 जांच की किट की कीमत सस्ती 

बर्लिन की इन दो कंपनियों ने अपने इस परिक्षण किट का बाजार मूल्य भी अपने तमाम

प्रतिद्वंदियों के मुकाबले बहुत ही कम रखा ताकि आर्थिक रूप से कमज़ोर देशों की

भी मदद हो सकें । डा. बर्न्ड हासे जो पहले एक सहायक कंपनी क़ियगेँ के मुख्य कार्यकारी

के तौर पर कार्य कर चुके हैं, अब इस कंपनी के साथ महज तीस कर्मचारियों के साथ इस

यात्रा को शुरु करने वाले व्यक्ति हैं। यह मध्यम आकार की कंपनी है, जिसकी शुरुआत वर्ष

2013 में की गयी थी। अनुसंधान और विकास के इस समूह के प्रमुख डा. सलमा तेमूरी हैं

जो पहले डब्ल्यू एच ओ के प्रयोगशाला में काम कर चुकी हैं।

भारतवंशी वैज्ञानिक डॉ अर्पिता अपने प्रयोगशाला में

कोलकाता में जन्मी डा. अर्पिता दास, बायोटेक रेबिट के इस विकास कार्यक्रम में

(अनुसंधान एवं विकास के प्रमुख डा. तेमूरी के साथ) शामिल हैं । भारतवंशी डॉ अर्पिता

दास यूनिवर्सिटी ब्रेमेन (जर्मनी) से अपना शोध पूरा करने के बाद पिछले तीन वर्षों स इस

बायोटेक रेबिट के अनुसंधान एवं विकास मे वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में कार्य कर रहीं हैं ।

कोरोना के इस परिक्षण किट को तैयार करने में ये वैज्ञानिक प्रमुख रहीं। उन्होंने कलकत्ता

यूनिवर्सिटी से आणविक जीव विज्ञान से अपना स्नातक की उपाधि हासिल थी। बाद मे

वेल्लोर की प्रोद्यौगिकी संस्थान से अपने एप्लायज माइक्रो वॉयोलॉजी स्नात्कोत्तर में

स्वर्ण पदक विजेता रही हैं। भारत में इन परीक्षण उपकरणों की आपूर्ति प्रारंभ कर दी गयी

है। उम्मीद है कि यहां भी यह किट अपने देशों की तरह त्वरित परीक्षण के अपने मकसद

में कामयाब होगी।

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