fbpx Press "Enter" to skip to content

कोवास मशीनों पर झारखंड को फोकस करना चाहिए

  • कोरोना जांच तेज करने में बाधक बने हैं कई अधिकारी

  • कनीय अधिकारियों को पहले से ही इसकी पूरी जानकारी

  • जांच की गति को तेज करने का सबसे कारगर तकनीक

  • एक साल से प्रस्ताव धूल फांक रहा स्वास्थ्य विभाग में

संवाददाता

रांचीः कोवास मशीनों की तरफ अब झारखंड सरकार को भी अपना ध्यान केंद्रित करना

चाहिए। यहां के स्वास्थ्य विभाग पर हावी एक लॉबी की वजह से अब तक इन मशीनों को

सिर्फ झारखंड में ही नहीं लगाया जा सका है। आस पास के सभी राज्यों में समय की मांग

को समझते हुए एक से अधिक मशीनों को खरीदने का आर्डर दे दिया है। आज प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने जिन मशीनों से जांच तेज करने का ऑनलाइन उदघाटन किया, वे सभी इसी

श्रेणी की मशीनें हैं। इनमें दो किस्म की मशीनें हैं। दोनों में जांच की गति अलग अलग हैं

लेकिन दोनों ही वर्तमान पद्धति के मुकाबले बहुत तेज है। वर्तमान समय में कोरोना

संक्रमण के फैलने के काफी पहले से ही राज्य में इस मशीन की जानकारी यहां के

अधिकारियों को दी गयी थी। मिली जानकारी के मुताबिक यहां के ब्लड बैंक में खून जांच

की मशीन खरीदने के दौरान भी इसे अधिकारियों ने कमीशन खाने के चक्कर में

नजरअंदाज कर दिया था। उस वक्त से विभाग के पास इस बात की पक्की जानकारी थी

कि इस किस्म की मशीन लगाने से सारी प्रक्रियाएं ऑटोमैटिक हैं और दो दर्जन से अधिक

किस्म की जांच इससे संभव है। इसके बाद भी अफसरों के एक खास समूह ने इसे अपने

फायदे के लिए दरकिनार कर दिया है।

कोरोना संकट के दौरान फिलहाल झारखंड सहित सभी राज्यों की सबसे बड़ी जरूरत

कोरोना संक्रमण की जांच की गति को तेज करना है। याद रखें कि पिछले दिनों रांची के

सदर अस्पताल में इसी देर की वजह से हंगामा भी हुआ था। कोरोना संकट के प्रारंभ होने

के दौरान ही इसकी जरूरत महसूस की गयी थी। इस संकट को समझते हुए भी स्वास्थ्य

विभाग के अधिकारियों ने तब भी इस आधुनिक तकनीक से जांच को आगे बढ़ाने का काम

नहीं किया था।

कोवास मशीनों का ही आज पीएम ने ऑनलाइन उदघाटन किया

अब प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश में जांच की गति तेज करने की पहल के बाद झारखंड

सरकार को इस दिशा में पहल करनी चाहिए। पिछले दस दिनों में झारखंड में कोरोना

संक्रमण के फैलने का जो हाल हुआ है, उस वजह से भी ऐसी तेज गति की जांच जरूरी है।

साथ ही भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भी सरकार को अब ऐसी आधुनिक मशीनों पर

फोकस करना चाहिए। अलबत्ता इसके लिए सरकार को अपनी अधीन सक्रिय उस लॉबी

के प्रभाव से मुक्त होना होगा, जो इस पूरे कोरोना संकट को भी निजी कमाई का अच्छा

अवसर मानकर काम कर रही है।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from अजब गजबMore posts in अजब गजब »
More from कोरोनाMore posts in कोरोना »
More from घोटालाMore posts in घोटाला »
More from झारखंडMore posts in झारखंड »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from प्रोद्योगिकीMore posts in प्रोद्योगिकी »
More from राज काजMore posts in राज काज »
More from स्वास्थ्यMore posts in स्वास्थ्य »

One Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!