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झारखंड की छठी जेपीएसपी परीक्षा पर रोक से अदालत का इंकार

रांची: झारखंड की छठी जेपीएससी परीक्षा में कई अनियमितता को लेकर दायर याचिका

पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई है। न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत ने छठी

जेपीएससी नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने राज्य

सरकार और जेपीएससी को मामले में विस्तृत जवाब पेश करने का आदेश दिया है।

उन्होंने राज्य सरकार से कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश से रिजल्ट प्रभावित होगा। ज्ञात हो

कि अभिषेक मनी सिन्हा ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि सामान्य कोटि में

600 अंक वाले को चयनित किया गया। जबकि उन्हें 601 अंक लाने पर भी चयनित नहीं

किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा को लेकर परीक्षा के आयोजित होने के समय

से ही विवाद की स्थिति बनी हुई है। अनेक लोगों ने इस परीक्षा में भी पहले की परीक्षाओं में

हुई गड़बड़ियों को दोहराये जाने की शिकायत की है। राजनीतिक स्तर पर भी इस परीक्षा के

विरोध में कई बार आवाज उठाये गये हैं। यहां तक कि विधानसभा में भी इस पर चर्चा हुई

है। इससे पहले की जेपीएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी और जांच के क्रम में कई

जेपीएससी सदस्यों के गिरफ्तार होने की वजह से भी जेपीएससी की परीक्षाओं के प्रति

लोगों मंच संदेह का माहौल बना रहता है। इतना कुछ होने के बाद भी अदालत ने इस मुद्दे

पर नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है।

झारखंड की छठी परीक्षा के पहले से है विवाद

प्रशासनिक स्तर पर यह माना जाता है कि समय पर परीक्षा नहीं हो पाने के बाद बाकी की

प्रक्रियाओँ में बहुत अधिक समय लगने की वजह से भी रिक्तियों को समय पर नहीं भर

पाने से प्रशासनिक कार्यों में भी भारी परेशानी हो रही है। वर्तमान में कोरोना लॉक डाउन

की परिस्थिति में भी राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भी काम का बहुत बोझ है।

इसके अलावा भी राज्य के अनेक स्थानों पर एक ही अधिकारी पर कई विभागों की

होने की वजह से भी विकास कार्यों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।


 

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